AC Coach Theft: ट्रेन के AC कोच को लेकर सामने आया शर्मनाक मामला, लोगों की इन हरकतों से परेशान रेलवे ने सख्ती के दिए संकेत

punjabkesari.in Monday, Jul 13, 2026 - 11:49 AM (IST)

AC Coach Theft: ट्रेन के AC कोच को लेकर एक शर्मनाक मामला सामने आया है, जिसने भारतीय रेलवे की चिंता बढ़ा दी है। यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए AC कोच में उपलब्ध कराए जाने वाले बेडरोल की चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। चादर, कंबल, तौलिया और तकिये के कवर जैसे सामान बड़ी संख्या में गायब हो रहे हैं, जिससे रेलवे को करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

 देशभर में फैले भारतीय रेलवे के विशाल नेटवर्क में रोजाना लाखों यात्री सफर करते हैं। इनमें बड़ी संख्या में लोग AC-1, AC-2 और AC-3 कोच का इस्तेमाल करते हैं, जहां यात्रियों को आरामदायक यात्रा के लिए बेडरोल की सुविधा दी जाती है। टिकट किराये में शामिल इस सुविधा के तहत यात्रियों को चादर, कंबल, तकिया, तकिये का कवर और तौलिया उपलब्ध कराया जाता है। लेकिन अब इसी सुविधा से जुड़ी चोरी की घटनाएं रेलवे के लिए बड़ी परेशानी बन गई हैं। कई यात्री ट्रेन से उतरते समय बेडरोल का सामान अपने साथ ले जाते हैं, जिससे रेलवे और संबंधित एजेंसियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

AC Coach में हर 1000 यात्रियों में से 1 चोरी का मामला
RTI (Right to Information) के जरिए मिली जानकारी के मुताबिक, जनवरी 2022 से मई 2026 तक रेलवे के AC कोच से करीब 1.27 करोड़ बेडरोल आइटम चोरी हो चुके हैं। इनमें चादर, कंबल, तकिये के कवर और तौलिये शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, AC कोच में सफर करने वाले हर 1000 यात्रियों में से लगभग 1 यात्री बेडरोल चोरी की घटना को अंजाम देता है। कोरोना महामारी के बाद जनवरी 2022 से ट्रेनों में बेडरोल सेवा दोबारा शुरू की गई थी। इसके बाद चोरी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई। रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, साल 2022 से 2025 के बीच बेडरोल चोरी की घटनाओं में करीब 56 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

बेडशीट चोरी में बीकानेर, तौलिये में दिल्ली सबसे आगे
बेडशीट चोरी: बीकानेर मंडल सबसे आगे
तौलिया चोरी: दिल्ली मंडल में सबसे ज्यादा मामले
तकिये के कवर चोरी: सोनपुर मंडल सबसे ऊपर
कंबल चोरी: जोधपुर मंडल में सबसे अधिक घटनाएं

देश के 10 प्रमुख रेल मंडलों में करीब 67 प्रतिशत चोरी के मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें बीकानेर, जोधपुर, जयपुर, रांची, दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, सोनपुर, दानापुर और बिलासपुर शामिल हैं।

₹104 करोड़ से ज्यादा का नुकसान 
रेलवे के AC कोच में बेडरोल उपलब्ध कराने वाले ठेकेदारों को चोरी की वजह से करीब ₹104.51 करोड़ का आर्थिक नुकसान हुआ है। ठेकेदारों के कर्मचारियों का कहना है कि कई बार चोरी हुए सामान की कीमत उनकी सैलरी से काट ली जाती है। इससे कोच अटेंडेंट और अन्य कर्मचारियों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।

रेलवे ने कहा- यात्रियों और स्टाफ पर भी होगी नजर
बेडरोल चोरी को लेकर रेलवे अब सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, चोरी करने वाले यात्रियों या दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। रेल मंत्रालय ने इस मामले को गंभीर बताया है। मंत्रालय का कहना है कि लिनेन चोरी रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जा रही है और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। रेलवे ने यह भी कहा है कि अभी तक ऐसा कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला है जिससे रेलवे कर्मचारियों की चोरी में मिलीभगत साबित हो सके।

इन स्टेशनों से चोरी का एक भी मामला नहीं
जहां कई रेल मंडलों में चोरी के मामले सामने आए हैं, वहीं कुछ जगहों पर स्थिति बेहतर रही। साउथ रेलवे के.... तिरुचिरापल्ली मंडल-पलक्कड़ मंडल में बेडरोल चोरी की एक भी घटना दर्ज नहीं हुई। इसके अलावा दक्षिण पूर्व रेलवे के आद्रा मंडल ने भी चोरी का कोई मामला नहीं बताया। हालांकि, यहां मुख्य रूप से मालगाड़ियों का संचालन होता है, इसलिए AC यात्री कोच नहीं होने के कारण चोरी की संभावना कम रहती है।

रेलवे की अपील 
रेलवे का कहना है कि यात्रियों को समझना होगा कि ट्रेन में मिलने वाली सुविधाएं सार्वजनिक संपत्ति हैं। बेडरोल या अन्य सामान चोरी करना न सिर्फ आर्थिक नुकसान पहुंचाता है, बल्कि लाखों यात्रियों की सुविधा को भी प्रभावित करता है।


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Content Editor

Anu Malhotra

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