अमेरिका में 7 साल बिताने के बाद भारत लौटा शख्स, कहा- कोई पछतावा नहीं... बताई ये बड़ी वजह
punjabkesari.in Friday, Jan 02, 2026 - 03:18 PM (IST)
नेशनल डेस्क: पिछले कुछ समय से अमेरिका से भारत लौटने वाले भारतीयों की कहानियां लगातार सामने आ रही हैं। कोई मजबूरी में वापस आया, तो कोई अपनी मर्जी से। इसी कड़ी में एक भारतीय शख्स की कहानी इंटरनेट पर चर्चा में है, जिसने अमेरिका में करीब सात साल बिताने के बाद भारत लौटने का फैसला किया—और सबसे खास बात यह है कि उसे इस फैसले का कोई पछतावा नहीं है।
अमेरिका छोड़ने के पीछे क्या थीं वजहें?
इस शख्स ने सोशल मीडिया पर साझा की गई पोस्ट में बताया कि अमेरिका में रहना उसके लिए धीरे-धीरे थकाने वाला अनुभव बन गया था। बार-बार वीज़ा से जुड़ी अनिश्चितता, कागजी प्रक्रियाओं का तनाव और भविष्य को लेकर असुरक्षा ने उसे मानसिक रूप से परेशान कर दिया। इसके साथ ही माता-पिता की बढ़ती उम्र ने उसे यह सोचने पर मजबूर किया कि परिवार से दूर रहना अब सही नहीं है।
उसने बताया कि सात साल के दौरान उसे एक से ज्यादा शहरों में रहना पड़ा, लेकिन कहीं भी स्थिरता महसूस नहीं हुई। इस दौरान उसे बेघर लोगों की समस्या, गन वॉयलेंस का डर, नस्लीय भेदभाव और अपनों से दूरी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इन्हीं सब अनुभवों ने भारत लौटने के फैसले को मजबूत किया।
भारत में नई शुरुआत, बेंगलुरु बना नया ठिकाना
अमेरिका से लौटने के बाद वह बेंगलुरु में बस गया है। उसका कहना है कि भारत में भी चुनौतियां हैं—जैसे ट्रैफिक और हवा की गुणवत्ता—but समस्याएं सिर्फ भारत तक सीमित नहीं हैं। उसके मुताबिक, काम का दबाव और ट्रैफिक जैसी परेशानियां अमेरिका में भी कम नहीं थीं। वर्क-लाइफ बैलेंस के मामले में उसे दोनों देशों में ज्यादा फर्क महसूस नहीं हुआ।
परिवार और घर का खाना बना सबसे बड़ी खुशी
भारत लौटने के बाद सबसे बड़ा फायदा उसे अपने परिवार के साथ समय बिताने का मिला। माता-पिता के करीब रहना, अपनों के साथ रोज़मर्रा की ज़िंदगी जीना और घर का ताजा, स्वादिष्ट खाना—ये सब चीजें उसके लिए किसी भी ‘विदेशी सुविधा’ से कहीं ज्यादा कीमती हैं। इसी वजह से वह खुद को ज्यादा संतुष्ट और खुश महसूस कर रहा है।
सोशल मीडिया की नकारात्मक तस्वीर से अलग हकीकत
शख्स का मानना है कि सोशल मीडिया पर अक्सर यह दिखाया जाता है कि भारत में हालात खराब हैं और यहां लौटना सही फैसला नहीं है। लेकिन उसके अनुभव के मुताबिक, यह तस्वीर पूरी तरह सच नहीं है। वह मानता है कि भारत में रहने लायक अवसर, सुविधाएं और जीवन की खुशियां मौजूद हैं—बस उन्हें सही नजरिए से देखने की जरूरत है।
