PM मोदी के स्वागत को पलके बिछाए बैठा इज़राइल, तिरंगे से जगमगा रहा यरुशलम (Video)
punjabkesari.in Wednesday, Feb 25, 2026 - 03:42 PM (IST)
International Desk: मध्य पूर्व की ऐतिहासिक धरती Jerusalem इन दिनों खास रंग में रंगी हुई है। सड़कों पर लहराते भारतीय तिरंगे और इज़राइल के झंडे इस बात का संदेश दे रहे हैं कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के स्वागत के लिए पूरा देश उत्सुकता से पलके बिछाए बैठा है। प्रधानमंत्री Narendra Modi के दो दिवसीय राजकीय दौरे से पहले Jerusalem की सड़कों पर भारत और इज़राइल के राष्ट्रीय ध्वज लहराते दिखाई दिए।सरकारी इमारतों से लेकर प्रतिष्ठित स्थलों तक रोशनी और सजावट में भारत की छाप साफ दिखाई दे रही है। इज़राइली संसद Knesset को तिरंगे के रंगों में रोशन किया गया है, जो दोनों लोकतांत्रिक देशों की गहराती दोस्ती का प्रतीक बन गया है।
🇮🇳🤝🇮🇱
— Jyoti Patel (@jyotijp21) February 25, 2026
માનનીય પ્રધાનમંત્રી શ્રી નરેન્દ્ર મોદીજીના સ્વાગત માટે ઇઝરાઇલમાં તૈયારીઓ... pic.twitter.com/McXi5tlv4u
यह दौरा केवल कूटनीतिक औपचारिकता नहीं, बल्कि भारत–इज़राइल रणनीतिक साझेदारी के नए अध्याय की शुरुआत का संकेत माना जा रहा है। स्थानीय समाचार पत्र The Jerusalem Post के पहले पन्ने पर पीएम मोदी की तस्वीर प्रमुखता से प्रकाशित हुई, जिसमें शीर्षक था- “Welcome, Modi” और “New Delhi's burgeoning partnership with Jerusalem.”यह दृश्य भारत-इज़राइल संबंधों की बढ़ती गर्मजोशी का प्रतीक माना जा रहा है।पीएम मोदी इज़राइली संसद Knesset को संबोधित करेंगे और ऐसा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनेंगे। नेसेट स्पीकर Amir Ohana ने कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में आज रात नेसेट को भारतीय तिरंगे के रंगों में रोशन किया गया है।”
इस पर पीएम मोदी ने प्रतिक्रिया दी, “इस सम्मान के लिए आभारी हूं। आज नेसेट को संबोधित करने की प्रतीक्षा है।”दौरे के दौरान पीएम मोदी की इज़राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu से द्विपक्षीय बैठक होगी। रवाना होने से पहले जारी बयान में पीएम मोदी ने कहा कि यह यात्रा दोनों देशों की “मजबूत और बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी” को और गहरा करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि “भारत और इज़राइल के संबंधों में हाल के वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि और गतिशीलता आई है।” दौरे के दौरान पीएम मोदी इज़राइल के राष्ट्रपति Isaac Herzog से भी मुलाकात करेंगे। वह वहां मौजूद भारतीय समुदाय से भी संवाद करेंगे, जिसे उन्होंने दोनों देशों के बीच सद्भाव और सहयोग का मजबूत सेतु बताया।
