पाकिस्तान ने फिर चली पुरानी चाल, भारतीय DGMO ने लताड़ा

punjabkesari.in Tuesday, May 02, 2017 - 02:51 PM (IST)

नई दिल्ली: भारतीय सेना ने आज पाकिस्तानी सेना से कहा कि दो भारतीय सैनिकों के शव क्षत-विक्षत करना एक कायराना और अमानुषिक कृत्य है तथा इसका जवाब दिए जाने एवं स्पष्ट स्वरों में भर्त्सना किए जाने की आवश्यकता है। भारत के सैन्य अभियान महानिदेशक ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष से बात की और जम्मू-कश्मीर में पुंछ के कृष्णाघाटी सेक्टर में सोमवार को दो सैनिकों की पाकिस्तान द्वारा जान लेने और उनके शव को क्षत-विक्षत करने पर गहरी चिंता जताई।

भारतीय डीजीएमआे ने लगाई लताड़
सेना ने एक बयान में कहा, ‘‘भारतीय सेना के डीजीएमआे ले. जनरल एके भट्ट नेने यह कहा कि इस प्रकार के कायरतापूर्ण और अमानुषिक कृत्य सभ्यता के किसी भी मापदंड से परे है तथा इसका जवाब दिए जाने और स्पष्ट स्वरों में भर्त्सना किए जाने की आवश्यकता है।’’ डीजीएमआे ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष से यह भी कहा कि घटना स्थल के समीप बनी पाकिस्तानी सेना की चौकी ने इसमें भरपूर फायरिंग कर सहयोग दिया। सेना ने कहा कि डीजीएमआे ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में नियंत्रण रेखा के बेहद करीब बीएटी शिक्षण शिविर की मौजूदगी को लेकर चिंता जताई।

देंगे माकूल जवाब
बयान में कहा गया, ‘‘डीजीएमआे, भारतीय सेना ने पीआेके बट्टल के समीप कृष्णा घाटी सेक्टर में एक मई को हुई घटना पर गहरी चिंता जतायी जहां पाक सैनिकों ने नियंत्रण रेखा के समीप भारतीय गश्त पर निशाना बनाया और दो सैनिकों के शवों को क्षत-विक्षत कर दिया।’’ भारतीय सेना ने पहले ही यह प्रतिबद्धता जताई थी कि इस निंदनीय कृत्य पर समुचित प्रतिक्रिया दी जाएगी।

व्यर्थ नहीं जाएगी शहादत
रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को कहा था कि बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा तथा भारतीय सशस्त्र बल पाकिस्तानी सैनिकों के इस अमानुषिक कृत्य पर समुचित प्रतिक्रिया व्यक्त करेंगे। जेटली ने कहा था, ‘‘यह एक निंदनीय एवं अमानुषिक कृत्य है। इस तरह के हमले शांतिकाल तो जाने दीजिए युद्ध के समय भी नहीं किये जाते। सैनिकों के शव बहुत बर्बर तरीके से क्षत-विक्षत किए गए हैं।’’ इस घटना में शहीद हुए सैनिकों में 22 सिख इंफेंट्री के नायब सूबेदार परमजीत सिंह और बीएसएफ की 200वीं बटालियन के हेड कांस्टेबल प्रेम सागर शामिल हैं।

पाक ने मांगा सबूत
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान ने एलओसी पर सीजफायर उल्लंघन से साफ इनकार कर दिया। साथ ही फायरिंग को लेकर भारत से सबूत भी मांगे। एक तरह से पाकिस्तान ने साफ कर दिया कि वह किसी भी घटना में अपना हाथ नहीं मानता है और विरोध जताने पर सबूत मांगने लगता है।


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