India UAE Summit: मोदी–नाहयान समिट में बड़ा फैसला, डिफेंस से स्पेस तक भारत-UAE रिश्तों को मिली नई रफ्तार

punjabkesari.in Monday, Jan 19, 2026 - 10:08 PM (IST)

India UAE Summit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान के बीच दिल्ली में हुई उच्चस्तरीय वार्ता में भारत और यूएई ने अपने रिश्तों को रणनीतिक ऊंचाई पर पहुंचाने के लिए कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इस मुलाकात को विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने भले ही “संक्षिप्त” बताया, लेकिन उन्होंने साफ कहा कि इसके नतीजे बेहद ठोस और दूरगामी हैं।

दोनों नेताओं के बीच पहले सीमित दायरे में बातचीत हुई और इसके बाद प्रतिनिधिमंडल स्तर की चर्चा में रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और निवेश जैसे क्षेत्रों पर निर्णायक सहमति बनी।

रक्षा साझेदारी को मिलेगा नया ढांचा

वार्ता के दौरान भारत और यूएई ने सामरिक रक्षा सहयोग को औपचारिक रूप देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया। दोनों देशों ने एक फ्रेमवर्क एग्रीमेंट तैयार करने के लिए Letter of Intent पर हस्ताक्षर किए। इससे रक्षा उत्पादन, तकनीकी सहयोग और सुरक्षा से जुड़े साझा हितों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

अंतरिक्ष क्षेत्र में संयुक्त पहल

स्पेस सेक्टर में भी दोनों देशों के बीच सहयोग को विस्तार देने पर सहमति बनी है। भारत और यूएई मिलकर लॉन्च सुविधाओं के विकास और सैटेलाइट निर्माण से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगे। यह समझौता आने वाले वर्षों में दोनों देशों की अंतरिक्ष क्षमताओं को मजबूत करने वाला माना जा रहा है।

ऊर्जा सुरक्षा में यूएई की बड़ी भूमिका

ऊर्जा मोर्चे पर भी बड़ा ऐलान हुआ। यूएई अब भारत को हर साल 0.5 मिलियन मीट्रिक टन LNG की आपूर्ति करेगा। इसके साथ ही यूएई भारत का दूसरा सबसे बड़ा एलएनजी सप्लायर बन गया है। यह समझौता भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

निवेश, न्यूक्लियर एनर्जी और AI पर सहमति

दोनों देशों ने नागरिक परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं को तलाशने पर भी सहमति जताई। इसके अलावा यूएई गुजरात के धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन के विकास में भागीदारी करेगा।

डिजिटल और तकनीकी क्षेत्र में यूएई भारत में डेटा सेंटर्स, सुपर कंप्यूटिंग क्लस्टर्स और AI आधारित प्रोजेक्ट्स में निवेश करेगा। दोनों पक्षों ने ‘डेटा एंबेसी’ की अवधारणा पर भी काम आगे बढ़ाने का फैसला किया।

फूड सिक्योरिटी से किसानों को फायदा

खाद्य सुरक्षा से जुड़े समझौतों से भारतीय किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है, जबकि यूएई की फूड सप्लाई चेन और मजबूत होगी। यह साझेदारी कृषि और निर्यात के नए अवसर खोल सकती है।

आतंकवाद पर सख्त संदेश, क्षेत्रीय शांति पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति नहयान ने सीमा पार आतंकवाद की कड़ी निंदा की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर सहमति जताई। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर भी विचार साझा किए और क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई।

UAE में ‘हाउस ऑफ इंडिया’ बनेगा सांस्कृतिक सेतु

यूएई में रहने वाले करीब 45 लाख भारतीयों के लिए अबू धाबी में ‘हाउस ऑफ इंडिया’ स्थापित करने का फैसला लिया गया है। यह केंद्र दोनों देशों की साझा सांस्कृतिक विरासत और लोगों के बीच संबंधों को और मजबूत करेगा।


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Ramanjot

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