शराब के शौकीनों के लिए Good News: ₹12,500 की शैम्पेन अब सिर्फ ₹6,000 में! वाइन, व्हिस्की, वोदका पर भारी छूट, विदेशी शराबें हो जाएंगी सस्ती
punjabkesari.in Tuesday, Jan 27, 2026 - 07:27 PM (IST)
नेशनल डेस्क: 18 साल के लंबे इंतजार के बाद भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने दुनिया के सबसे बड़े मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement - FTA) पर सहमति बनाई है। इस समझौते से यूरोप से आने वाली विदेशी शराब, बीयर और लग्जरी कारें भारतीय बाजार में काफी सस्ते हो जाएंगी।
वर्तमान में भारत यूरोपियन वाइन और स्पिरिट पर 150% तक भारी आयात शुल्क (Import Duty) लगाता है। इस नए FTA के तहत इसे धीरे-धीरे घटाकर 20% तक लाने का प्रस्ताव है। इसका सीधा मतलब यह है कि जो विदेशी शराब पहले लगभग डेढ़ गुना ज्यादा कीमत में बिकती थी, वह अब आधी कीमत या उससे भी कम में उपलब्ध होगी। उदाहरण के तौर पर, 6,000 रुपये की विदेशी शराब अब लगभग 7,200 रुपये में खरीदी जा सकेगी।
विदेशी शराब और बीयर की कीमतों में राहत
इस डील के बाद यूरोप के प्रमुख वाइन और स्पिरिट ब्रांड्स भारत में सस्ते दाम पर उपलब्ध होंगे। वाइन पर वर्तमान में लगे भारी आयात शुल्क में कटौती की जाएगी, जिससे फ्रांस, इटली और स्पेन से आने वाली प्रीमियम वाइन की कीमतें कम होंगी।
कौन-कौन सी शराब सस्ती होगी?
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फ्रेंच वाइन: बोर्डो (Bordeaux), बरगंडी (Burgundy), शैम्पेन (Champagne)
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इटालियन वाइन: चियांटी (Chianti), प्रोसेको (Prosecco), बारोलो (Barolo)
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स्पेनिश वाइन: रियोजा (Rioja), कावा (Cava)
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यूरोपीय स्पिरिट्स: कॉन्यैक (Cognac), आर्मग्नाक (Armagnac), प्रीमियम जिन (Premium Gins), वोदका (Vodkas)
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जर्मन बीयर: प्रीमियम लैगर्स (Premium Lagers) और एल्स (Ales)
कितनी बचत होगी?
उदाहरण के तौर पर, एक प्रीमियम शैम्पेन की बेसिक कीमत (CIF Value) 5,000 रुपये है। वर्तमान में आयात शुल्क की वजह से इसकी कीमत लगभग 12,500 रुपये हो जाती है। FTA के बाद यह शुल्क घटकर केवल 20% हो जाएगा, जिससे कीमत लगभग 6,000 रुपये रह जाएगी। इसका मतलब है कि ग्राहक सीधे तौर पर लगभग 6,500 रुपये की बचत कर सकते हैं।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि अंतिम रिटेल कीमत (MRP) में राज्य सरकार का अतिरिक्त टैक्स (Excise Duty) और डीलर का मार्जिन भी जोड़ना होता है, जो अलग-अलग राज्यों में अलग हो सकता है। इस समझौते से शराब और बीयर के शौकीनों के लिए भारतीय बाजार में प्रीमियम यूरोपियन ब्रांड्स अधिक किफायती और सुलभ हो जाएंगे।
