अमेरिका के लिए डाक सेवाएं पूरी तरह बंद! ट्रंप टैरिफ पर भारत का पलटवार, आम लोगों पर पडे़गा असर
punjabkesari.in Sunday, Aug 31, 2025 - 09:21 PM (IST)

नेशनल डेस्क: भारत और अमेरिका के बीच चल रहे टैरिफ विवाद का असर अब आम जनता तक पहुंचने लगा है। भारतीय डाक विभाग ने अमेरिका जाने वाली सभी डाक सेवाएं तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दी हैं। इसका मतलब है कि अब कोई भी पत्र, दस्तावेज, पार्सल या 100 डॉलर तक के उपहार अमेरिका नहीं भेजे जा सकते।
क्या है पूरा मामला?
मामला है अमेरिका द्वारा 30 जुलाई 2025 को जारी किए गए आदेश संख्या 14324 का। इस आदेश के अनुसार, अब अमेरिका में 800 डॉलर तक के सभी सामानों पर कोई टैक्स या छूट नहीं मिलेगी। 29 अगस्त से यह नया टैक्स नियम लागू हो गया है।
इसके कारण भारतीय डाक विभाग ने सावधानी बरतते हुए अमेरिका जाने वाली सभी डाक सेवाएं रोक दी हैं। डाक विभाग की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि यह सेवा तब तक बंद रहेगी जब तक कस्टम टैक्स और डेटा एक्सचेंज से जुड़ी सारी व्यवस्था पूरी तरह से लागू नहीं हो जाती।
नया नियम क्या कहता है?
अमेरिका ने एक और आदेश भी दिया है जिसमें 100 डॉलर से ज्यादा कीमत वाले सामानों पर कस्टम टैक्स देना जरूरी कर दिया गया है। इसके साथ ही, जो कंपनियां या एजेंसियां यह टैक्स वसूलेंगी, उन्हें अमेरिकी कस्टम विभाग से मंजूरी लेना अनिवार्य है। हालांकि, 15 अगस्त को कुछ दिशा-निर्देश जारी किए गए, पर अभी कई अहम बातें साफ नहीं हो पाई हैं जैसे कि कौन सी कंपनियां टैक्स वसूलेंगी और टैक्स वसूलने का तरीका क्या होगा।
अब क्या हुआ?
25 अगस्त के बाद से अमेरिका जाने वाली फ्लाइट्स और कूरियर कंपनियों ने भारतीय डाक सामान लेना बंद कर दिया था। उस समय कहा गया था कि 100 डॉलर तक के गिफ्ट आइटम और दस्तावेज भेजे जा सकते हैं, लेकिन अब यह सेवा भी बंद कर दी गई है।
आम लोगों को होगा असर
यह फैसला उन भारतीयों के लिए खास चिंता का विषय है जो अमेरिका में रहने वाले अपने परिवार या दोस्तों को दस्तावेज, गिफ्ट या पार्सल भेजते थे। अब वे पारंपरिक डाक सेवाओं पर भरोसा नहीं कर पाएंगे और उन्हें महंगी कोरियर कंपनियों का सहारा लेना पड़ेगा। डाक विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन लोगों ने पहले से अमेरिका भेजने के लिए डाक बुक की है और अब वह डाक भेजी नहीं जा सकेगी, वे अपने पैसे वापसी का दावा कर सकते हैं।
सेवाएं कब फिर से शुरू होंगी?
सरकार ने कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जल्द से जल्द डाक सेवाओं को बहाल करने की कोशिश की जाएगी। लेकिन तब तक इंतजार करना होगा जब तक अमेरिका के सीमा शुल्क और सुरक्षा विभाग (CBP) पूरी तरह से डेटा साझा करने और टैक्स वसूलने की प्रक्रिया को लागू नहीं कर देता।
विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत-अमेरिका के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव के कारण यह कदम उठाया गया है। दोनों देशों के बीच सीमा शुल्क और डेटा आदान-प्रदान पर सहमति बने बिना डाक सेवाओं के सामान्य संचालन की संभावना कम है।