भारत सरकार को एक नोट छापने में कितना खर्च आता है? लागत जानकर उड़ जाएंगे होश

punjabkesari.in Monday, Jan 12, 2026 - 05:29 PM (IST)

नेशनल डेस्क : लोग अक्सर यह जानना चाहते हैं कि सरकार एक नोट छापने में कितना खर्च करती है। दरअसल, अच्छी क्वालिटी की करेंसी तैयार करना काफी जटिल और महंगी प्रक्रिया है। नोट की छपाई की लागत उनके मूल्य और सुरक्षा फीचर्स पर निर्भर करती है।

नोट छापने की लागत

  • ₹10 का नोट छापने में लगभग 0.96 रुपये खर्च होते हैं।
  • ₹20 का नोट लगभग 0.95 रुपये में बनता है।
  • ₹50 के नोट की कीमत लगभग 1.13 रुपये है।
  • ₹100 का नोट छापने में 1.77 रुपये लगते हैं।
  • ₹500 का नोट 2.29 से 2.65 रुपये प्रति नोट आता है।
  • बंद हो चुके ₹2000 नोट की कीमत सबसे ज्यादा थी, 3.54 से 4.18 रुपये प्रति नोट।

ज्यादा मूल्य वाले नोट एडवांस्ड डिजाइन और सुरक्षा फीचर्स की वजह से महंगे होते हैं।

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सालाना खर्च और नोट प्रिंटिंग

वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने नोटों की छपाई पर लगभग ₹6,372.8 करोड़ रुपये खर्च किए। यह पिछले साल की तुलना में लगभग 25% अधिक है।

नोट प्रिंटिंग केंद्र और संचालन

सभी भारतीय बैंक नोट देश के चार प्रमुख प्रेस – नासिक, देवास, मैसूर और साल्बोनी में छापे जाते हैं। इनका संचालन सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड और भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जाता है।

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महंगाई की वजह

नोट बनाने की लागत बढ़ने के पीछे कई कारण हैं:

  • कच्चे माल की बढ़ती कीमत
  • नकली नोट रोकने के लिए एडवांस फीचर्स जोड़ना
  • प्रोडक्शन को देश में ही कराने पर जोर

इस तरह, भारत में हर नोट छापना सिर्फ पेपर और स्याही का काम नहीं, बल्कि सुरक्षा और तकनीक का मिश्रण है, जिसकी वजह से इसकी लागत अलग-अलग मूल्य के नोटों में बदलती रहती है।


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Content Editor

Mehak

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