असम में चाय जनजाति को हिमंत सरमा का बड़ा तोहफा: ग्रेड I-II नौकरियों में 3% आरक्षण मंजूर
punjabkesari.in Tuesday, Feb 17, 2026 - 07:04 PM (IST)
नेशनल डेस्क: असम सरकार ने चाय बागान समुदाय और आदिवासी वर्गों के लिए सरकारी नौकरियों में अहम कदम उठाया है। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने घोषणा की कि राज्य की ग्रेड I और ग्रेड II श्रेणी की नौकरियों में Tea Tribes और Adivasi समुदाय को 3 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। यह फैसला असम विधानसभा परिसर में आयोजित कैबिनेट बैठक में लिया गया। सरकार का कहना है कि इससे उच्च प्रशासनिक सेवाओं में इन समुदायों की भागीदारी बढ़ेगी।
किन नौकरियों में मिलेगा फायदा?
नई व्यवस्था के तहत असम सिविल सर्विस (ACS) और असम पुलिस सर्विस (APS) जैसी क्लास I और क्लास II सेवाओं में चाय जनजाति और आदिवासी युवाओं को आरक्षण का लाभ मिलेगा। अब तक राज्य में ग्रेड III और ग्रेड IV पदों पर OBC कोटे के भीतर इन समुदायों को 3 प्रतिशत आरक्षण मिल रहा था। ताजा फैसले के साथ यह सुविधा उच्च स्तर की नौकरियों तक बढ़ा दी गई है।
पहले की गई थी घोषणा
मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि पिछले वर्ष अक्टूबर में जोरहाट जिले के एक कार्यक्रम के दौरान यह वादा किया गया था। उस समय असम टी ट्राइब स्टूडेंट्स एसोसिएशन (ATTSA) और असम टी ट्राइब विमेंस एसोसिएशन के सम्मेलन में उन्होंने कहा था कि राज्य के लगभग 40 लाख चाय समुदाय के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ना विकास के लिए जरूरी है।
सरकार का दावा है कि यह निर्णय सामाजिक न्याय और समान अवसर की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा चुनाव से पहले यह कदम सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है।
कैबिनेट का दूसरा बड़ा फैसला: नया Sainik School
कैबिनेट बैठक में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। कार्बी आंगलोंग जिले के लैंगवोकू क्षेत्र में राज्य का दूसरा सैनिक स्कूल स्थापित करने को मंजूरी दी गई है। इसके लिए करीब 335 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
असम में पहला सैनिक स्कूल गोलाघाट जिले में पहले से संचालित है। नए स्कूल से राज्य के युवाओं को सैन्य शिक्षा और रक्षा सेवाओं में करियर के अवसर मिलेंगे। सरकार का कहना है कि यह कदम शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सशक्तिकरण के जरिए Tea Tribes और Adivasi समुदायों को आगे बढ़ाने की दिशा में उठाया गया है। आने वाले समय में इसके प्रभाव को लेकर राज्य की राजनीति और प्रशासन दोनों पर नजर रहेगी।
