Heavy Rain Alert: अगले 5 दिनों तक भारी बारिश मचाएगी तांडव, पड़ेगी कड़ाके की ठंड, IMD ने इन राज्यों में जारी किया हाई अलर्ट
punjabkesari.in Saturday, Jan 03, 2026 - 09:38 AM (IST)
नेशनल डेस्क: देश के पहाड़ी इलाकों से लेकर मैदानी राज्यों तक कड़ाके की ठंड का असर लगातार बना हुआ है। उत्तर भारत के कई हिस्सों में ठंडी हवाओं और घने कोहरे ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दिल्ली-एनसीआर में भी हालात आसान नहीं हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक ठंड और ज्यादा बढ़ सकती है।
5 जनवरी तक गिरेगा तापमान
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक राजधानी दिल्ली में 5 जनवरी तक तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। इस दौरान सुबह और रात के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिससे दृश्यता काफी कम हो सकती है। इससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
सर्दी को लेकर येलो अलर्ट
लुढ़कते तापमान को देखते हुए मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इससे पहले शुक्रवार को ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया था, जिसे बाद में हटा लिया गया। फिलहाल राजधानी में अधिकतम तापमान 14 से 17 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 8 जनवरी तक अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन ठंड से तुरंत राहत नहीं मिलेगी।
अगले दो दिन भी रहेगा घना कोहरा
IMD के अनुसार, अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और गिर सकता है। इसके साथ ही सुबह के समय घना कोहरा छाया रहेगा। उत्तर-पश्चिम भारत के कई इलाकों में भी पारा और नीचे जाने की संभावना है। कोहरे के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
ट्रेन और फ्लाइट पर असर
कोहरे का असर यातायात पर भी साफ दिखाई दे रहा है। शुक्रवार को कम विजिबिलिटी के चलते करीब 60 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि कई फ्लाइट्स देरी से पहुंचीं। दिल्ली आने-जाने वाली कई ट्रेनें भी अपने तय समय से लेट रहीं।
ठंड से हवा हुई साफ
हालांकि ठंड का एक सकारात्मक असर भी देखने को मिला है। शीतलहर की वजह से दिल्ली-एनसीआर की हवा पहले के मुकाबले कुछ साफ हुई है। शनिवार को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 262 दर्ज किया गया, जिससे राजधानी रेड जोन से बाहर आकर ऑरेंज जोन में पहुंच गई है। गुरुग्राम में AQI 218 और नोएडा में 226 रिकॉर्ड किया गया। हवा की गुणवत्ता में सुधार को देखते हुए GRAP-3 की पाबंदियां हटा दी गई हैं, हालांकि हवा अब भी ‘खराब’ श्रेणी में बनी हुई है।
