हाथरस कांड: सामने आई ''संदिग्ध'' महिला, बोली- मुझे नक्सल कैसे कहा, सबूत पेश करे पुलिस

punjabkesari.in Saturday, Oct 10, 2020 - 05:50 PM (IST)

नेशनल डेस्कः उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुए कथित गैंगरेप मामले में नक्सल कनेक्शन सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। एसआईटी की टीम मध्य प्रदेश के जबलपुर की रहने वाली महिला की तलाश में जुटी है। इसी बीच नक्सली होने का आरोप लगने पर प्रोफेसर डॉक्टर राजकुमारी बंसल मीडिया के सामने एक बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि मेरा कोई रिश्ता नहीं है, मैं केवल आत्मीयता के तौर पर हाथरस गैंगरेप पीड़िता के घर गई थी।

राजकुमारी ने बताया कि उनको अच्छा लगा कि हमारे समाज की एक लड़की इतने दूर से आई है तो उन्होंने कहा कि बेटा एक दो दिन रूक जाओ, तो मैं रूक गई। उन्होंने कहा कि मैं पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद करना चाहती थी। सिर्फ पति को बताकर गई थी। उधर, एसआईटी की जांच पर सवाल खड़ा करते हुए महिला ने कहा कि पहले सबूत पेश करें। वहीं बोलना और आरोप लगाना बहुत आसान होता है।

पेशे से मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर डॉक्टर राजकुमारी बंसल ने कहा कि मुझे लगा के मेरे नंबर के साथ टेंपरिंग की जा रही हैं। मैने फौरन साइबर पुलिस में रिपोर्ट की है। ये मेरे मान सम्मान की बात है। कैसे मुझे नक्सल कहा गया। उन्होंने कहा कि मैं फॉरेंसिक रिपोर्ट देखने गई थी, क्योंकि मैं एक्सपर्ट हूं उस विषय की। आरोपी महिला ने कहा कि मैने भाभी बनकर कभी इन्टर्व्यू नहीं दिया, मैने कहा कि मैं बेटी हूँ।

नकली भाभी बनकर साजिश रच रही थी महिला- सूत्र
बता दें कि एसआईटी की जांच में सामने आया है कि 16 सितंबर से लेकर 22 सितंबर तक पीड़िता के घर में रहकर नक्सली महिला बड़ी साजिश रच रही थी। इससे पहले पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि इस केस से जुड़े फंडिंग मामले में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और भीम आर्मी के लिंक भी मिले हैं।

हाथरस कांड की जांच कर रही एसआईटी के सूत्र बताते हैं कि नक्सली महिला घूंघट ओढ़कर पुलिस और एसआईटी से बातचीत कर रही थी. वहीं घटना के 2 दिन बाद से ही संदिग्ध महिला पीड़िता के गांव पहुंच गई थी। आरोप है कि पीड़िता के ही घर में रहकर वह परिवार के लोगों को कथित रूप से भड़का रही थी. पीड़िता की भाभी बनकर रहने वाली नक्सली एक्टिविस्ट महिला की कॉल डिटेल्स में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं।


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Yaspal

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