Epstein मुद्दे पर हरदीप पुरी झूठ बोलते हैं, उनसे तत्काल इस्तीफा लिया जाए: कांग्रेस
punjabkesari.in Friday, Feb 13, 2026 - 06:28 PM (IST)
नेशनल डेस्क: कांग्रेस ने एप्स्टीन मामले में केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी के स्पष्टीकरण को 'सरासर झूठ' करार देते हुए शुक्रवार को कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि पुरी किसकी तरफ से जेफ्री एप्स्टीन से संपर्क में थे। पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपने इस मंत्री से तत्काल इस्तीफा लेना चाहिए। पुरी ने उनके खिलाफ आरोप लगाने के लिए बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा था कि उनकी मुलाकात जेफ्री एप्स्टीन से ''कुछ मौकों पर'' हुई थी, लेकिन उसके साथ हुई बातचीत का उन अपराधों से कोई लेना-देना नहीं था जिनमें अमेरिकी यौन अपराधी शामिल था। पुरी का स्पष्टीकरण गांधी के उस दावे के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि केंद्रीय मंत्री का नाम अमेरिका में जारी 'एप्स्टीन फाइल्स' में भी सामने आया है।
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There can be on doubt that @HardeepSPuri was interacting with #Epstein on behalf of someone.
— Pawan Khera 🇮🇳 (@Pawankhera) February 13, 2026
Now who was that someone? pic.twitter.com/0W9Vm4ktoh
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खेड़ा ने संवाददाताओं से कहा, ''हरदीप सिंह पुरी ने एक साक्षात्कार में कहा कि मेरी एप्स्टीन से ज्यादा बात नहीं हुई। ये सरासर झूठ है। पुरी ने एक और साक्षात्कार में कहा कि उन्होंने एप्स्टीन से मिलने का समय नहीं मांगा था, ये बात भी झूठ है। ईमेल से स्पष्ट है कि पुरी खुद एप्स्टीन से मिलने का आग्रह करते थे।'' खेड़ा ने यह दावा भी किया कि 13 नवंबर 2014 को लिंक्डइन के संस्थापक रीड हॉफमैन को एप्स्टीन ने एक मेल भेजा, जिसमें 'डिजिटल इंडिया' की जानकारी दी गई थी, जबकि भारत में 'डिजिटल इंडिया' जुलाई, 2015 में शुरू हुआ था। उनका कहना था, ''इसका मतलब है कि हरदीप पुरी ने भारत के नागरिकों से पहले ही एप्स्टीन को 'डिजिटल इंडिया' की जानकारी दे दी थी।
अब सवाल है कि हरदीप पुरी को यह जानकारी कहां से मिली, जबकि उस समय तो वह सरकार का हिस्सा नहीं थे।'' कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार को इसका जवाब देना चाहिए कि पुरी किसकी तरफ से एप्स्टीन के संपर्क में थे। पुरी के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष के सांसदों ने संसद में प्रदर्शन किया। भारतीय युवा कांग्रेस ने भी इस मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और पुरी के इस्तीफे की मांग की।
