सावधान! हैकर्स की नई चाल, बिना OTP और कार्ड के भी खाली हो सकता है अकाउंट, जल्दी करें ये काम
punjabkesari.in Thursday, Aug 28, 2025 - 01:11 PM (IST)

नेशनल डेस्क: आजकल साइबर ठग दिन-ब-दिन नए तरीके अपनाकर लोगों के बैंक अकाउंट से पैसे चोरी कर रहे हैं। अब हाल ही में झारखंड के गढ़वा जिले में एक बुजुर्ग महिला के साथ ऐसा हुआ, जिसने सभी को चौंका दिया। बिना OTP और कार्ड के उसके बैंक खाते से 10,000 रुपए निकाल लिए गए। यह जानकर आप भी हैरान होंगे कि ठगों ने ऐसा कैसे किया और हमें अपनी सुरक्षा के लिए क्या-क्या कदम उठाने चाहिए। आइए विस्तार से समझते हैं इस धोखाधड़ी की पूरी घटना और उससे बचाव के उपाय।
झारखंड में बुजुर्ग महिला के बैंक खाते से चोरी
गढ़वा जिले की यह बुजुर्ग महिला पीएम किसान योजना के तहत मदद पाने की चाह में थी। ठगों ने उसे यह झांसा दिया कि वे पीएम किसान योजना का लाभ दिला देंगे। इसी के चलते उन्होंने महिला की आंखों का बायोमेट्रिक स्कैन किया, जो आधार कार्ड से जुड़ी जानकारी के आधार पर बैंक अकाउंट से पैसे निकालने के लिए इस्तेमाल किया गया। इस दौरान महिला को पता भी नहीं चला कि उसके बैंक खाते से पैसे चोरी हो रहे हैं। जब महिला बैंक पहुंची तो उसे अपने खाते में से 10,000 रुपये गायब मिले। यह सुनकर हर कोई दंग रह गया क्योंकि चोरी बिना OTP या कार्ड के हुई थी। लेकिन आज के डिजिटल युग में बैंक खाते आधार से जुड़े होते हैं और बायोमेट्रिक पहचान का उपयोग बढ़ता जा रहा है। इसी का फायदा उठाकर ठगों ने यह काम किया।
बायोमेट्रिक स्कैन से कैसे होती है चोरी?
आज के समय में अधिकतर बैंक खाते आधार नंबर से जुड़े होते हैं। आधार कार्ड में फिंगरप्रिंट, आईरिस जैसे बायोमेट्रिक डेटा मौजूद होते हैं। बैंक में पैसे निकालने के लिए अब OTP के साथ-साथ बायोमेट्रिक पहचान का भी इस्तेमाल किया जाता है। ठगों ने महिला के आधार नंबर का उपयोग कर उसका बैंक खाता खोजा और फिर आंखों का स्कैन कर बैंक से पैसे निकाल लिए। यह चोरी का नया तरीका है जहां बिना OTP और कार्ड के भी आपके बैंक खाते से पैसे निकाले जा सकते हैं, बशर्ते ठगों के पास आपका बायोमेट्रिक डेटा हो। यह डेटा चोरी होना या गलत हाथों में पड़ना आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
अपने आप को कैसे रखें सुरक्षित?
1. आधार कार्ड को संभाल कर रखें
अपने आधार कार्ड और उससे जुड़ी जानकारी को सावधानी से संभालें। किसी भी अजनबी को आधार कार्ड की फोटोकॉपी या डेटा न दें। अगर आपको कहीं आधार नंबर साझा करना जरूरी हो, तो UIDAI की वेबसाइट से वर्चुअल आईडी (Virtual ID) का उपयोग करें। यह एक वैकल्पिक नंबर होता है जो आपके आधार नंबर की जगह इस्तेमाल किया जा सकता है और इससे आपका असली आधार नंबर सुरक्षित रहता है।
2. बायोमेट्रिक लॉक सुविधा का प्रयोग करें
UIDAI ने बायोमेट्रिक लॉक और अनलॉक की सुविधा उपलब्ध कराई है। इसका मतलब है कि आप अपने आधार कार्ड की फिंगरप्रिंट या आईरिस स्कैन को लॉक कर सकते हैं ताकि कोई बिना आपकी अनुमति के इसे उपयोग न कर सके। जब भी बायोमेट्रिक सर्विस की जरूरत हो, तब आप मैन्युअली इसे अनलॉक करें और फिर वापस लॉक कर दें।
3. किसी भी अनजान कॉल या मैसेज पर विश्वास न करें
अगर आपको कोई फोन करके बैंक डिटेल्स, OTP या बायोमेट्रिक जानकारी मांगता है तो सावधान रहें। बैंक या सरकार की ओर से ऐसे कॉल आमतौर पर नहीं आते। ऐसे कॉल को अवश्य ब्लॉक करें और संबंधित विभाग को रिपोर्ट करें।
4. बैंक की सेवाओं को सावधानी से इस्तेमाल करें
अपने बैंक खाते की नियमित रूप से जांच करें। यदि कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन मिले तो तुरंत बैंक को सूचित करें। मोबाइल बैंकिंग या इंटरनेट बैंकिंग में मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करें और इसे कभी किसी के साथ साझा न करें।
5. सरकार की योजनाओं में ऐसे फर्जीवाड़े से बचें
कोई भी सरकारी योजना का लाभ पाने के नाम पर किसी अजनबी की बातों में आना खतरे से खाली नहीं है। सरकारी योजना के लिए केवल आधिकारिक चैनलों का ही उपयोग करें।