AI को लेकर बढ़ी चिंता: 2026 की सबसे बड़ी चेतावनी! सैम ऑल्टमैन को भी लगने लगा अपनी टेक्नोलॉजी से डर

punjabkesari.in Saturday, Jan 03, 2026 - 12:33 PM (IST)

नेशनल डेस्क: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जिस तेजी से आगे बढ़ रही है, वही रफ्तार अब चिंता की वजह भी बनने लगी है। खुद ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने माना है कि AI धीरे-धीरे ज्यादा खतरनाक होती जा रही है। उनका कहना है कि खतरा किसी एक टूल या फीचर से नहीं, बल्कि उस तेज़ गति से है, जिससे नए और ज्यादा ताकतवर AI सिस्टम सामने आ रहे हैं।

सैम ऑल्टमैन के मुताबिक, अक्सर ऐसा हो रहा है कि किसी नए AI सिस्टम के लिए सुरक्षा उपाय पूरी तरह तैयार भी नहीं हो पाते और उससे पहले ही अगला, ज्यादा एडवांस सिस्टम लॉन्च हो जाता है। यही असंतुलन भविष्य में बड़ी समस्या बन सकता है। गौरतलब है कि करीब तीन साल पहले OpenAI ने ChatGPT लॉन्च किया था, जिसके बाद जनरेटिव AI आम लोगों तक तेजी से पहुंचा।

AI से किस तरह का खतरा?
ऑल्टमैन ने बताया कि मौजूदा AI मॉडल अब पहले से कहीं ज्यादा समझदार हो गए हैं। वे बेहतर तरीके से सोच-विचार (reasoning), कोडिंग और जानकारी का विश्लेषण कर सकते हैं। लेकिन इसी क्षमता के साथ नई चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। उनका कहना है कि AI सिस्टम अब सुरक्षा में मौजूद कमजोरियों को पहचानने लगे हैं, लोगों के व्यवहार को प्रभावित कर सकते हैं और कई तरीकों से गलत इस्तेमाल भी हो सकता है। चूंकि ये सिस्टम अब ज्यादा ऑटोनॉमस (खुद फैसले लेने वाले) और आसानी से उपलब्ध हो गए हैं, इसलिए इनके दुरुपयोग का खतरा और बढ़ गया है। 

ऑल्टमैन ने चेतावनी दी कि AI का इस्तेमाल साइबर सुरक्षा को मजबूत करने में किया जा सकता है, लेकिन यही तकनीक साइबर हमले करने वालों के हाथ में भी जा सकती है। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी के इतिहास में ऐसा बहुत कम हुआ है, जब एक ही तकनीक को अटैक करने वाले और बचाव करने वाले, दोनों एक साथ समान ताकत के साथ इस्तेमाल कर रहे हों।

मेंटल हेल्थ और समाज पर भी असर
तकनीकी जोखिमों के अलावा सैम ऑल्टमैन ने AI के सामाजिक और मानसिक प्रभावों को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने माना कि AI सिस्टम को लेकर यह आरोप लगे हैं कि वे कभी-कभी नुकसान पहुंचाने वाली सलाह दे सकते हैं या लोगों पर गलत असर डाल सकते हैं। इस पर ऑल्टमैन का कहना है कि AI इंडस्ट्री अभी शुरुआती दौर में है और लगातार सीख रही है कि इन खतरों से कैसे जिम्मेदारी के साथ निपटा जाए। उन्होंने माना कि मेंटल हेल्थ और समाज पर पड़ने वाले प्रभावों को गंभीरता से समझना और उन्हें नियंत्रित करना बेहद जरूरी है।


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Content Editor

Mansa Devi

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