रूस से नेपाल तक योग की धूमः रूसी दूतावास ने जमकर की PM मोदी की सराहना, कहा- "शुक्रिया, आज आपकी वजह से दुनिया..."
punjabkesari.in Saturday, Jun 20, 2026 - 03:01 PM (IST)
International Desk: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) से पहले दुनिया के कई देशों में योग उत्सव शुरू हो गए हैं। इस कड़ी में भारत के दो करीबी मित्र देशों रूस और नेपाल में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां योग को भारत की विश्व को दी गई अमूल्य विरासत बताया गया। नई दिल्ली स्थित Embassy of Russia in India में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया। रूसी दूतावास में संस्कृति मामलों की काउंसलर यूलिया आर्याएवा (Yulia Aryaeva) ने कहा कि योग भारत का दुनिया को दिया गया अनमोल उपहार है और रूस में इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।
#WATCH | A special morning Yoga session being held at Russian Embassy in India, in Delhi, ahead of the International Day of Yoga celebration tomorrow. #InternationalDayOfYoga2026 #IDY2026@moayush @RusEmbIndia pic.twitter.com/Ljn8ncQGw5
— DD India (@DDIndialive) June 20, 2026
उन्होंने बताया कि मॉस्को, सेंट पीटर्सबर्ग और अन्य शहरों में बड़ी संख्या में लोग योग का अभ्यास कर रहे हैं तथा योग को गहराई से समझने के लिए भारत भी आते हैं। रूस के भारत में राजदूत Denis Alipov की पत्नी डेनिस अलीपोव (Diana Alipova) ने कहा कि योग शरीर और मन के बीच सामंजस्य स्थापित करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) का आभार जताते हुए कहा कि योग को वैश्विक पहचान दिलाने और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस स्थापित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। "मैं प्रधानमंत्री मोदी की आभारी हूं कि उन्होंने योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की स्थापना में अहम भूमिका निभाई।"
लुंबिनी में भारत-नेपाल ने दिया योग का संदेश
उधर नेपाल की पवित्र नगरी और Lumbini में भारतीय दूतावास ने Lumbini Development Trust और BP Koirala India Nepal Foundation के सहयोग से भव्य योग कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियों, भारतीय समुदाय और सैकड़ों योग प्रेमियों ने भाग लिया। नेपाल में भारतीय दूतावास के प्रथम सचिव Narayan Singh ने कहा कि बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी में योग दिवस मनाने से न केवल योग बल्कि इस ऐतिहासिक स्थल को भी वैश्विक पहचान मिलती है।
मोदी के प्रयास से बना अंतरराष्ट्रीय योग दिवस
प्रधानमंत्री मोदी ने 27 सितंबर 2014 को United Nations General Assembly में योग दिवस का प्रस्ताव रखा था। भारत द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव को रिकॉर्ड 177 देशों का समर्थन मिला। इसके बाद 11 दिसंबर 2014 को United Nations ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित कर दिया। पहला योग दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया था।
2026 की थीम: "Yoga for Healthy Ageing"
साल 2026 अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का 12वां संस्करण है। इस वर्ष की थीम "Yoga for Healthy Ageing" रखी गई है, जिसका उद्देश्य सभी आयु वर्ग के लोगों को स्वस्थ, सक्रिय, आत्मनिर्भर और ऊर्जावान जीवन के लिए प्रेरित करना है। रूस से लेकर नेपाल तक आयोजित कार्यक्रमों ने एक बार फिर दिखाया कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कूटनीति का शक्तिशाली माध्यम बन चुका है। आज योग दुनिया के करोड़ों लोगों के जीवन का हिस्सा है और भारत की वैश्विक सॉफ्ट पावर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहा है।
