PM मोदी से डोनाल्ड ट्रंप ने कर दिया बड़ा वादा, कहा- अगर भारत पर हमला हुआ तो...
punjabkesari.in Wednesday, Jun 17, 2026 - 11:01 PM (IST)
इंटरनेशनल डेस्कः फ्रांस के एवियन में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के मंच से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरी दुनिया के कूटनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। बुधवार (17 जून, 2026) की शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक में ट्रंप ने भारत की सुरक्षा को लेकर एक ऐसा 'महा-ऐलान' किया है, जो पहले कभी नहीं सुना गया।
'मोदी पीएम हैं, तो भारत के साथ खड़ा है अमेरिका'
राष्ट्रपति ट्रंप ने दोस्ती की नई मिसाल पेश करते हुए वादा किया है कि अगर नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री रहते हुए भारत पर कभी भी कोई हमला होता है, तो अमेरिका पूरी मजबूती के साथ आगे आएगा। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका भारत के साथ खड़ा रहेगा, भले ही दोनों देशों के बीच इसके लिए कोई लिखित समझौता न हो। हालांकि, उन्होंने एक बड़ी बात यह भी जोड़ी कि अगर भारत में कोई दूसरा प्रधानमंत्री होता है, तो वह इस सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकते।
#WATCH | Evian, France | On India-US defence relations, US President Donald Trump says, "I think it is a great relationship...If they were attacked, we would be there to help them...If anybody attacks that man, we are going to be there...If they are attacked and he (PM Modi) is… pic.twitter.com/45pjpLY39e
— ANI (@ANI) June 17, 2026
'सख्त' हैं मोदी, भारतीय लोगों से करते हैं प्यार
बैठक को "बहुत सार्थक" बताते हुए ट्रंप ने पीएम मोदी की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने मोदी को एक "सख्त वार्ताकार" (Tough Negotiator) करार देते हुए कहा कि मोदी अपने देश के लोगों और अमेरिका, दोनों से प्यार करते हैं। ट्रंप ने भारत को एक "प्रमुख वैश्विक शक्ति" बताया और बिना किसी समयसीमा के एलान किया कि वह जल्द ही भारत की यात्रा करेंगे।
मोदी की हुंकार: नाविकों की सुरक्षा सबसे ऊपर
वहीं दूसरी ओर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुलाकात के दौरान भारत के हितों को पूरी प्रखरता से रखा। उन्होंने रणनीतिक 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' में तैनात लाखों भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए इसे अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। पीएम मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में शांति के लिए ट्रंप द्वारा बढ़ाए जा रहे कदम सराहनीय हैं, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले शांति समझौते में भारतीय नाविकों की सुरक्षा को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाएगा।
