8th Pay Commission: सरकार कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! 8वें वेतन आयोग के लागू होने की तारीख पर आया नया Update

punjabkesari.in Sunday, Jan 25, 2026 - 12:38 PM (IST)

नेशनल डेस्क: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच 8वें वेतन आयोग को लेकर उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है। सभी यह जानना चाहते हैं कि नए वेतन आयोग के लागू होने के बाद उनकी सैलरी और पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी। माना जा रहा है कि 8वें वेतन आयोग के तहत वेतन में इजाफा मुख्य रूप से फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम वेतन के आधार पर तय किया जाएगा।

फिटमेंट फैक्टर पर टिकी सैलरी बढ़ोतरी
वेतन में कितनी बढ़ोतरी होगी, इसका सबसे अहम पैमाना फिटमेंट फैक्टर होता है। इसी फैक्टर के जरिए मौजूदा बेसिक सैलरी को नए वेतनमान में बदला जाता है। कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि फिटमेंट फैक्टर ऐसा हो जिससे महंगाई का असर कम हो और कर्मचारियों की वास्तविक आमदनी बढ़े। इसी मुद्दे को लेकर कर्मचारी यूनियनें आपसी सहमति बनाने में जुटी हैं।


नई दिल्ली में खुला 8वें वेतन आयोग का कार्यालय
सरकार की ओर से एक बड़ा कदम उठाते हुए नई दिल्ली में 8वें वेतन आयोग का ऑफिस आधिकारिक रूप से खोल दिया गया है। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि सरकार अब वेतन आयोग के काम को औपचारिक रूप से आगे बढ़ा रही है और प्रक्रिया शुरुआती चरण में प्रवेश कर चुकी है।


25 फरवरी 2026 को होगी अहम बैठक
कर्मचारी संगठनों ने 25 फरवरी 2026 को एक बड़ी बैठक बुलाने का फैसला किया है। इस बैठक में जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (JCM) और अन्य प्रमुख कर्मचारी व पेंशनर्स संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह बैठक 8वें वेतन आयोग की दिशा तय करने में बेहद अहम मानी जा रही है।


बैठक में किन मुद्दों पर होगा फैसला
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य एक संयुक्त ज्ञापन तैयार करना है। इसमें सैलरी और पेंशन में कितनी बढ़ोतरी की मांग की जाए, न्यूनतम वेतन कितना होना चाहिए और फिटमेंट फैक्टर क्या रखा जाए, जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। इसके अलावा कामकाज की शर्तों, भत्तों, प्रमोशन, कार्य समय और रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली सुविधाओं में सुधार पर भी सुझाव दिए जाएंगे।


वेतन आयोग को सौंपी जाएंगी मांगें
बैठक में तय की गई सभी मांगों को एक लिखित दस्तावेज के रूप में 8वें वेतन आयोग को सौंपा जाएगा। इसी दस्तावेज के आधार पर आयोग अपनी सिफारिशें तैयार करेगा, जिन्हें बाद में केंद्र सरकार के सामने रखा जाएगा।


कर्मचारियों के लिए क्यों है यह प्रक्रिया अहम
सरल शब्दों में कहा जाए तो 25 फरवरी 2026 की बैठक वह मौका होगा, जब कर्मचारी यह तय करेंगे कि उन्हें सरकार से न्यूनतम कितनी सैलरी और पेंशन बढ़ोतरी चाहिए। यह प्रक्रिया 1 जनवरी 2026 से लागू होने वाले संभावित नए वेतनमान की नींव मानी जा रही है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Mansa Devi

Related News