45 लाख का सोना सड़क पर मिला, लेकिन नीयत नहीं बदली, महिला ने सारे गहने पुलिस को सौंपे
punjabkesari.in Wednesday, Jan 14, 2026 - 02:56 PM (IST)
नेशनल डेस्क: आज के दौर में जब छोटी-सी लालच भी लोगों की नीयत बदल देती है, तब चेन्नई से आई एक घटना ने भरोसा दिला दिया कि ईमानदारी अब भी जिंदा है। यह कहानी है एक ऐसी महिला की, जिसने सड़क पर पड़े 45 लाख रुपये के सोने को देखकर भी अपने जमीर से समझौता नहीं किया। यह मामला चेन्नई के व्यस्त इलाके टी. नगर का है। यहां काम कर रही एक महिला सफाई कर्मी को सड़क किनारे एक लावारिस बैग नजर आया। जब बैग खोला गया, तो उसके अंदर चमकते हुए सोने के गहनों का ढेर था, जिसकी कीमत करीब 45 लाख रुपये आंकी गई।
सोना देखा, लेकिन नीयत नहीं बदली
इस महिला का नाम है एस. पद्मा। आमतौर पर जहां इतनी बड़ी रकम देखकर लोग रास्ता बदल लेते हैं, वहीं पद्मा ने बिना एक पल गंवाए वह बैग उठाया और सीधे पॉन्डी बाजार पुलिस स्टेशन पहुंच गईं। उन्होंने पुलिस को पूरी जानकारी दी और बैग उनके हवाले कर दिया।
#Chennai: Corporation Cleanliness worker, S Padma returns Rs 45 lakh worth of gold jewellery she found on the road, to the police on Sunday.
— Srikkanth (@Srikkanth_07) January 12, 2026
A jeweler who was talking with a friend in T Nagar left his bag absent mindedly on a push cart and left.
Padma finds the jewels and… pic.twitter.com/Q9jHtxHwZM
कैसे छूटा ज्वैलरी कारोबारी का बैग?
इस घटना की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पत्रकार श्रीकांत (@Srikkanth_07) ने साझा की। उनके अनुसार, एक ज्वैलरी व्यापारी अपने दोस्त से बातचीत में इतना खो गया कि वह अपना बैग एक ठेले पर ही भूलकर आगे निकल गया। उस बैग में कोई साधारण सामान नहीं, बल्कि लाखों रुपये की कीमती सोने की ज्वैलरी थी।
पुलिस भी रह गई दंग
जब पुलिस ने बैग की जांच की और उसमें रखे गहनों की कीमत का अंदाजा लगाया, तो वे भी पद्मा की ईमानदारी देखकर हैरान रह गए। बाद में ज्वैलरी के असली मालिक को बुलाया गया और पूरा सामान सुरक्षित रूप से उसे लौटा दिया गया। घटना सामने आने के बाद से एस. पद्मा की तस्वीरें और कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। लोग उन्हें 'असली हीरो' बता रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि पद्मा ने सिर्फ सड़कों की सफाई नहीं की, बल्कि समाज की सोच को भी साफ कर दिया। लोगों का कहना है कि पद भले ही छोटा हो, लेकिन ईमानदारी का कद बहुत बड़ा होता है—और पद्मा ने यह बात अपने काम से साबित कर दी।
