Gold-Silver Price Prediction: 2027 में सोने-चांदी को लेकर कनाडाई बैंक का चौंकाने वाला दावा, आंकड़े जानकर रह जाएंगे हैरान

punjabkesari.in Monday, Feb 02, 2026 - 04:23 PM (IST)

नेशनल डेस्क:  कनाडा के एक प्रतिष्ठित बैंक की ताजा भविष्यवाणी ने भविष्य के बाजार की ऐसी तस्वीर दिखाई है, जिसने पूरी दुनिया के निवेशकों को हैरान कर दिया है। 'BMO Capital Markets' की इस रिपोर्ट के मुताबिक, सोने और चांदी की कीमतें आने वाले समय में उस ऊंचाई पर पहुंच सकती हैं, जहां तक पहुंचना आज एक सपने जैसा लगता है।

2027 तक सोने-चांदी की कीमतों में संभावित 'विस्फोट'
कनाडाई बैंक का दावा है कि साल 2027 तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 8,650 डॉलर प्रति औंस के जादुई स्तर को छू सकता है। वहीं, चांदी भी अपनी चमक से सबको चौंकाते हुए 220 डॉलर प्रति औंस तक जा सकती है। अगर इस गणित को हम भारतीय रुपयों और बाजार के हिसाब से समझें, तो साल 2027 के अंत तक 10 ग्राम सोने की कीमत 3 लाख रुपये के करीब पहुंच सकती है। इससे भी ज्यादा चौंकाने वाला अनुमान चांदी को लेकर है, जो 7.20 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर को पार कर सकती है।

आखिर क्यों आसमान छुएंगे दाम?
विशेषज्ञों का मानना है कि दुनिया के राजनीतिक और आर्थिक हालात तेजी से बदल रहे हैं। रिपोर्ट में 'सेल अमेरिका' यानी अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड मार्केट से निवेशकों के घटते भरोसे का जिक्र किया गया है। जब दुनिया भर में सरकारी बैलेंस शीट्स पर दबाव बढ़ता है और कागजी मुद्रा (डॉलर, रुपया आदि) में अनिश्चितता आती है, तब निवेशक सुरक्षित निवेश के लिए सोने और चांदी की ओर रुख करते हैं। जापान जैसे देशों के बाजार में जारी उथल-पुथल ने भी इस डर को बढ़ा दिया है, जिससे इन कीमती धातुओं की मांग बढ़ रही है।

सोने से भी तेज दौड़ेगी चांदी
अक्सर लोग सोने को ज्यादा तवज्जो देते हैं, लेकिन इस रिपोर्ट ने चांदी को लेकर अपना नजरिया पूरी तरह बदल दिया है। चांदी अब केवल एक औद्योगिक धातु नहीं, बल्कि निवेश की एक मजबूत संपत्ति बनकर उभरी है। बैंक के मुताबिक, चांदी का प्रदर्शन सोने के मुकाबले कहीं ज्यादा तेज रहने वाला है। अनुमान है कि 2026 के अंत तक चांदी 160 डॉलर और 2027 के अंत तक 220 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच जाएगी, जो एक नया वैश्विक रिकॉर्ड होगा।

इन बड़ी शर्तों पर टिकी है यह भविष्यवाणी
कीमतों में यह भारी उछाल तभी संभव है जब कुछ खास वैश्विक परिस्थितियां बनी रहें। BMO के अनुसार, यह लक्ष्य तभी हासिल होगा जब दुनिया भर के केंद्रीय बैंक हर तीन महीने में औसतन 80 लाख औंस सोना खरीदना जारी रखेंगे। साथ ही, Gold ETF में भी निवेशकों का भारी पैसा आना जरूरी है। अगर अमेरिकी डॉलर की कमजोरी बनी रहती है और निवेश के दूसरे विकल्पों से मिलने वाला मुनाफा कम रहता है, तो सोने और चांदी को ऐतिहासिक ऊंचाइयों पर जाने से कोई नहीं रोक पाएगा।
 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Anu Malhotra

Related News