Gold reach ₹2 lakh: क्या सोना ₹2 लाख और चांदी ₹4-5 लाख तक पहुंचेगी? एक्सपर्ट्स की 5 बड़ी सलाह
punjabkesari.in Wednesday, Feb 11, 2026 - 06:25 PM (IST)
नेशनल डेस्क: सोने और चांदी की कीमतों में आ रही तूफानी तेजी ने हर किसी को हैरान कर दिया है। बाजार के मौजूदा हालात को देखकर अब यह सवाल आम हो गया है कि क्या वाकई सोना 2 लाख रुपये के स्तर को छू लेगा? आइए समझते हैं विशेषज्ञों की राय और आम आदमी के लिए बेहतर रणनीति।
कीमती धातुओं में उछाल: डर या भरोसा?
बाजार के जानकारों का कहना है कि सोना और चांदी अब केवल निवेश का जरिया नहीं रहे, बल्कि ये वैश्विक अस्थिरता के बीच 'सुरक्षित कवच' बन गए हैं। जब भी दुनिया में तनाव या आर्थिक अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशकों का भरोसा शेयर बाजार के बजाय सोने पर बढ़ जाता है। यही वजह है कि इनकी चमक लगातार बढ़ रही है।
क्या कहते हैं आंकड़े और विशेषज्ञ?
ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वैलरी डोमेस्टिक काउंसिल (GJC) के चेयरमैन राजेश रोकड़े के मुताबिक, जिस रफ्तार से कीमतें बढ़ रही हैं, उसे देखते हुए 2026 तक सोना 2 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर तक जा सकता है। सिर्फ सोना ही नहीं, बल्कि चांदी की कीमतों में भी भारी तेजी का अनुमान है। उनके अनुसार, चांदी 5 लाख रुपये प्रति किलो के आंकड़े को भी पार कर सकती है। यह अनुमान निवेशकों के उत्साह को बढ़ाने वाला है, लेकिन आम खरीदार के लिए चिंता का विषय भी है।
कई विशेषज्ञों का मानना है कि जिस तरह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) और अमेरिकी डॉलर के उतार-चढ़ाव का असर दिख रहा है, उससे सोने की कीमतों में लंबी अवधि में बड़ी तेजी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
कुछ बुलियन एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि यदि वर्तमान आर्थिक स्थितियां और मुद्रास्फीति (Inflation) का दबाव जारी रहा, तो अगले एक से दो साल (2025-2026) के भीतर सोना नए रिकॉर्ड स्तरों को छू सकता है। हालांकि, 2 लाख का आंकड़ा एक 'साइकोलॉजिकल लेवल' है, जिसके लिए वैश्विक केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और डॉलर की कमजोरी जैसे कारकों का बना रहना जरूरी है।
निवेशकों के लिए विशेषज्ञों की सलाह:
'बाय ऑन डिप्स' (Buy on Dips) की रणनीति: विशेषज्ञों का कहना है कि जो लोग लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, उन्हें हर छोटी गिरावट पर खरीदारी करनी चाहिए। सोने को हमेशा से एक 'सुरक्षित निवेश' (Safe Haven) माना गया है।
पोर्टफोलियो विविधीकरण (Diversification): निवेश विशेषज्ञों की सलाह है कि अपने कुल पोर्टफोलियो का 10-15% हिस्सा सोने में रखना चाहिए। यह शेयर बाजार की अस्थिरता के समय जोखिम को कम करने में मदद करता है।
डिजिटल गोल्ड और SGB: भौतिक सोने (गहनों) के बजाय विशेषज्ञों ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB), गोल्ड ईटीएफ या डिजिटल गोल्ड में निवेश की सलाह दी है, क्योंकि इसमें मेकिंग चार्ज की बचत होती है और शुद्धता की चिंता नहीं रहती।
शादियों के लिए खरीदारी: यदि आपके घर में शादी है, तो कीमतों के गिरने का इंतजार करने के बजाय किस्तों में खरीदारी करना बेहतर है, क्योंकि बाजार में अस्थिरता अधिक है।
किन कारणों से बढ़ रही हैं कीमतें?
वैश्विक अस्थिरता: मध्य पूर्व में तनाव और वैश्विक राजनीति में बदलाव।
केंद्रीय बैंकों की खरीदारी: भारत और चीन समेत कई देशों के केंद्रीय बैंक अपने गोल्ड रिजर्व को बढ़ा रहे हैं।
बजट और टैक्स: आगामी बजट और आयात शुल्क (Import Duty) में बदलाव की खबरें भी बाजार की धारणा को प्रभावित कर रही हैं।
आम आदमी क्या करे? एक्सपर्ट्स की 5 बड़ी सलाह
कीमतें आसमान पर हैं, ऐसे में एक आम खरीदार या निवेशक को इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:
1. FOMO (जल्दबाजी) से बचें: कीमतें बढ़ते देख 'डर' में आकर एक साथ सारा पैसा न लगाएं। बाजार में अक्सर बड़ी तेजी के बाद गिरावट (Correction) आती है, उस समय खरीदारी का मौका देखें।
2. SIP का तरीका अपनाएं: यदि आपको भविष्य के लिए सोना जोड़ना है, तो हर महीने थोड़ा-थोड़ा सोना खरीदें। इससे औसत भाव (Average Price) कम पड़ेगा।
3. 5-15% का नियम: अपनी कुल बचत का केवल 10% से 15% हिस्सा ही सोने में रखें। सारा निवेश एक ही जगह करना जोखिम भरा हो सकता है।
4. डिजिटल गोल्ड और SGB: अगर आप सिर्फ निवेश के लिए सोना ले रहे हैं, तो फिजिकल ज्वेलरी के बजाय Sovereign Gold Bonds (SGB) या Gold ETF चुनें। इसमें मेकिंग चार्ज नहीं लगता और सुरक्षा की चिंता भी नहीं होती।
5. लंबी अवधि का नजरिया: सोने को कम से कम 5 से 10 साल के नजरिए से देखें। छोटी अवधि के उतार-चढ़ाव से घबराकर अपना निवेश न बेचें।
