Gold Price Below 1 Lakh: क्या ₹85,000 के स्तर तक गिरेगा सोना? बड़ी गिरावट के संकेत!
punjabkesari.in Monday, Mar 30, 2026 - 10:03 AM (IST)
Gold Price below 1 Lakh: सोने की कीमतों में हालिया गिरावट के बाद निवेशकों के मन में बड़ा सवाल उठ रहा है—क्या अब गोल्ड का तेज़ी वाला दौर खत्म हो गया है या गिरावट अभी और जारी रह सकती है?
पिछले साल सोने ने शानदार रिटर्न दिया था और 2026 की शुरुआत भी मजबूत रही। कीमतें जनवरी में रिकॉर्ड स्तर (करीब 5,602 डॉलर) तक पहुंच गई थीं। लेकिन इसके बाद हालात बदले और तीन महीनों में कीमत लगभग 20% गिरकर 4,495 डॉलर के आसपास आ गई। इस गिरावट के पीछे वैश्विक तनाव, खासकर ईरान-अमेरिका संघर्ष, एक बड़ा कारण माना जा रहा है।
तेजी का लंबा सफर
सोने की यह तेजी अचानक नहीं आई थी। अक्टूबर 2022 में लगभग 1,500 डॉलर के स्तर से शुरू होकर यह जनवरी 2026 तक करीब 275% चढ़ चुका था। इसलिए मौजूदा गिरावट को समझने के लिए इतिहास पर नजर डालना जरूरी है।
इतिहास क्या बताता है?
अतीत में कई बार ऐसा हुआ है कि सोने ने तेज उछाल के बाद बड़ी गिरावट देखी है:
1. 1974–1976 का दौर
1971 से 1974 के बीच कीमतों में भारी उछाल आया, लेकिन इसके बाद लगभग 43% की गिरावट दर्ज हुई। उस समय महंगाई में कमी, ब्याज दरों में बढ़ोतरी, मजबूत डॉलर और वैश्विक तनाव में कमी जैसे कारण जिम्मेदार थे।
2. 1980 का दशक
1976 से 1980 तक सोना तेजी से चढ़ा, लेकिन 1980–1982 के बीच इसमें करीब 52% गिरावट आई। इसके पीछे मुख्य वजह थी ऊंची ब्याज दरें और मजबूत अमेरिकी डॉलर। बाद में थोड़ी रिकवरी के बाद फिर गिरावट का दौर आया।
3. 2011 के बाद की गिरावट
1999 से 2011 तक सोने में लंबी तेजी रही, लेकिन 2011 से 2015 के बीच कीमतों में लगभग 42% की गिरावट आई। उस समय वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार, केंद्रीय बैंकों की नीतियों में बदलाव और डॉलर की मजबूती ने सोने की मांग को कम कर दिया।
गिरावट के मुख्य कारण
इतिहास और मौजूदा हालात दोनों यह संकेत देते हैं कि कुछ कारक सोने पर दबाव बनाते हैं:
-
ब्याज दरों का बढ़ना
-
अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना
-
वैश्विक आर्थिक स्थिरता
-
सुरक्षित निवेश की मांग में कमी
आगे क्या हो सकता है?
विश्लेषकों का मानना है कि अगर इतिहास दोहराता है, तो सोने में और गिरावट संभव है। कुछ अनुमानों के अनुसार, कीमतें रिकॉर्ड हाई से 50% तक गिर सकती हैं, जिससे यह 2,800–3,000 डॉलर के स्तर तक आ सकती हैं। भारतीय बाजार में इसका असर दिखे तो कीमतें लगभग 85,000 से 91,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में पहुंच सकती हैं। कुछ विशेषज्ञ 3,600 डॉलर के स्तर को भी एक महत्वपूर्ण सपोर्ट मान रहे हैं।
मौजूदा स्थिति
ईरान-अमेरिका तनाव के कारण तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिससे डॉलर मजबूत हो रहा है और महंगाई का दबाव भी बढ़ रहा है। ऐसी स्थिति में अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती से बच सकता है-जो सोने के लिए नकारात्मक संकेत माना जाता है।
