Cigarette Price Hike: सिगरेट पीने वालों को झटका, 10 रुपये तक महंगी हुई सिगरेट, शेयरों में भी आई तेजी

punjabkesari.in Tuesday, Feb 17, 2026 - 05:40 PM (IST)

नेशनल डेस्क: सिगरेट पीने वालों की जेब अब और ढीली होने वाली है। देश की दिग्गज एफएमसीजी कंपनी आईटीसी (ITC) और गॉडफ्रे फिलिप्स ने अपने कई लोकप्रिय ब्रांड्स की कीमतों में भारी बढ़ोतरी का ऐलान किया है। सरकार द्वारा बजट में बढ़ाए गए उत्पाद शुल्क (Excise Duty) के बोझ को अब कंपनियां सीधे ग्राहकों के पाले में डाल रही हैं। इस खबर के आते ही सिगरेट कंपनियों के शेयरों में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिला है।

धुएं के साथ उड़ेंगे पैसे: ITC और गॉडफ्रे फिलिप्स ने बढ़ाए सिगरेट के दाम, ₹10 तक की हुई बढ़ोतरी
बजट 2026 में तंबाकू उत्पादों पर अतिरिक्त ड्यूटी लगाए जाने के बाद से ही कीमतों में इजाफे की सुगबुगाहट थी, जो अब हकीकत बन गई है। कंपनियों ने अपनी अलग-अलग श्रेणियों में ₹2 से लेकर ₹10 तक का इजाफा किया है। इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर प्रीमियम और फिल्टर सिगरेट की श्रेणियों पर देखने को मिल रहा है।

किस कैटेगरी में कितनी लगी 'आग'?
कंपनियों ने अलग-अलग साइज और फिल्टर तकनीक के आधार पर नई कीमतें तय की हैं। गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया ने 'मार्लबोरो कॉम्पैक्ट' (Marlboro Compact) की कीमत ₹9.5 प्रति स्टिक से बढ़ाकर अब ₹11.5 कर दी है। वहीं, आईटीसी ने भी अपनी 74mm और 64mm वाली श्रेणियों में दाम बढ़ा दिए हैं।

  • किंग साइज (74mm): इस कैटेगरी में प्रति पैक ₹7 तक की बढ़ोतरी देखी गई है।
  • स्लिम्स (64mm): यहां एक्साइज ड्यूटी के असर को देखते हुए कीमतों में ₹5 से ₹10 तक का बड़ा उछाल आया है।
  • नई तकनीक: आईटीसी अब 'Dual Sensory Filter Technology' के साथ कुछ नए प्रोडक्ट्स भी पेश कर रही है, जिनकी प्रति स्टिक कीमत में ₹1 से ₹2 का इजाफा हुआ है।

शेयर बाजार में कंपनियों की 'बल्ले-बल्ले'
कीमतें बढ़ने की खबर जैसे ही दलाल स्ट्रीट पर पहुंची, निवेशकों ने इन कंपनियों के शेयरों पर जमकर दांव लगाया। आईटीसी लिमिटेड का शेयर मंगलवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 3 प्रतिशत से ज्यादा की छलांग लगाकर ₹328.05 के स्तर तक पहुंच गया। कारोबार के अंत में यह 2.34% की बढ़त के साथ ₹325.40 पर बंद हुआ। इसी तरह, गॉडफ्रे फिलिप्स के शेयरों में भी 2.50% की तेजी दर्ज की गई और यह ₹2,065 के भाव पर बंद हुआ।

क्यों बढ़े दाम?
कीमतों में इस वृद्धि के पीछे मुख्य वजह 1 फरवरी 2026 से लागू हुई नई टैक्स दरें हैं। सरकार ने राजस्व बढ़ाने और तंबाकू के सेवन को हतोत्साहित करने के लिए एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी की थी। कंपनियां पिछले कुछ समय से इस वित्तीय दबाव को झेल रही थीं, लेकिन अब उन्होंने इसका भार ग्राहकों पर स्थानांतरित करने का फैसला लिया है।


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Content Editor

Anu Malhotra

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