वह एक शेरनी है: स्कूल में तीसरी कक्षा के छात्र के हमले का शिकार हुई 6 साल की बच्ची को अमेरिका और UAE से मिलीं शुभकामनाएं
punjabkesari.in Tuesday, Nov 03, 2026 - 02:27 PM (IST)
नई दिल्ली: पंचकूला की एक छोटी बच्ची, जो स्कूल में हुए हमले के बाद जिंदगी और मौत से जूझ रही थी, अब काफी बेहतर हो गई है। इससे उसके परिवार और उसके लिए प्रार्थना करने वाले हजारों लोगों ने राहत की सांस ली है। PGI चंडीगढ़ के एक नए वीडियो में बच्ची अपनी मां की गोद में बैठी मुस्कुराती हुई नजर आ रही है, जो उसकी हालत में आए बड़े सुधार को दिखाता है।
बच्ची ने वीडियो कॉल पर अपने चाचा फाजिल से भी बात की। उन्हें देखकर और उनकी बातें सुनकर वह मुस्कुराई। इस सुधार की पुष्टि करते हुए फाजिल ने बताया कि उसकी हालत में काफी सुधार हुआ है और अब वह पहले से कहीं बेहतर है।
शेरनी है बच्ची... जिंदगी का दूसरा मौका मिला
उसे एक योद्धा बताते हुए फाजिल ने कहा कि बच्ची को जिंदगी का दूसरा मौका मिला है। उन्होंने कहा, "वह एक शेरनी है। यह उसके दूसरे जन्म जैसा है।" उन्होंने बच्ची के ठीक होने को किसी चमत्कार से कम नहीं बताया। परिवार का कहना है कि वह एक फाइटर है, जिसने मौत को मात दी है और उसे जिंदगी का एक और मौका मिला है। PGI के डायरेक्टर और डॉक्टरों की टीम उसकी हालत पर नजर रख रही है, और मेडिकल देखरेख में उसका इलाज चल रहा है।
फाजिल के अनुसार, होश में आने के बाद बच्ची ने अपनी मां को बताया कि उसे पत्थर मारा गया था। हालांकि, उसकी नाजुक मानसिक स्थिति और इस घटना के मनोवैज्ञानिक असर को देखते हुए, परिवार ने फिलहाल उससे इस हमले के बारे में बात न करने का फैसला किया है। उसके रिश्तेदार उसे इस घटना को भूलने और ठीक होने पर ध्यान देने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। वे उसे बता रहे हैं कि वह बीमार है और उसका इलाज चल रहा है।
विदेशों में बैठे लोग भी कर रहे बच्ची के स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना
बच्ची के ठीक होने से भारत और विदेशों में उन लोगों को बड़ी राहत मिली है, जो उसके स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना कर रहे थे। परिवार ने बताया कि उन्हें अमेरिका और अरब देशों सहित कई जगहों से संदेश मिले हैं, जिनमें लोग उसकी सेहत के बारे में पूछ रहे हैं और उसके जल्द ठीक होने की कामना कर रहे हैं।
यह घटना 28 अक्टूबर को पंचकूला के सेक्टर 20 स्थित गवर्नमेंट संस्कृत मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में हुई थी। उसी स्कूल के तीसरी कक्षा के एक छात्र ने किंडरगार्टन में पढ़ने वाली इस बच्ची पर हमला कर दिया था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी। उसे इलाज के लिए तुरंत अस्पताल ले जाया गया और बाद में हालत गंभीर होने के कारण PGI चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। इस घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया, जिससे पूरे देश में भारी आक्रोश और सदमा फैल गया। इन परेशान करने वाले दृश्यों को देखकर माता-पिता गहरे सदमे में आ गए।
जब बच्ची PGI में अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रही थी, तब देश-विदेश के लोग उसके ठीक होने की प्रार्थना करने लगे। उसके परिवार को उम्मीद है कि उसकी सेहत में और सुधार होगा और डॉक्टर जल्द ही उसे अस्पताल से छुट्टी दे देंगे। उसके घर लौटने पर शानदार स्वागत की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। कई दिनों की चिंता और अनिश्चितता के बाद, परिवार अब उसके घर लौटने और पूरी तरह ठीक होने का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।
इस बीच, पुलिस ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ 'जुवेनाइल जस्टिस एक्ट' (JJ Act) और 'भारतीय न्याय संहिता' (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। स्कूल के प्रिंसिपल, क्लास इंचार्ज और सिक्योरिटी गार्ड के खिलाफ भी FIR दर्ज की गई है।
बच्ची पर हमला करने के आरोपी आठ साल के छात्र के खिलाफ JJ एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। उसे अंबाला के एक ऑब्जर्वेशन होम में भेजा गया है, जहां कम उम्र होने के कारण उसकी काउंसलिंग की जा रही है। हरियाणा मानवाधिकार आयोग और हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी इस घटना का संज्ञान लिया है और संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है।
हरियाणा शिक्षा विभाग ने इस घटना की जांच के लिए एक समिति बनाई है। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा है कि लापरवाही के लिए दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। अब तक स्कूल के प्रिंसिपल और दो JBT शिक्षकों को सस्पेंड कर दिया गया है।
