पश्चिम एशिया संकट पर हाई लेवल मीटिंग: LPG, PNG और बिजली दरों को लेकर सरकार का बड़ा मंथन

punjabkesari.in Wednesday, Mar 25, 2026 - 08:39 PM (IST)

नेशनल डेस्क: नई दिल्ली में पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच LPG सप्लाई पर पड़ रहे असर को लेकर केंद्र सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आई। इस मुद्दे पर एक अहम उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई, जिसमें ऊर्जा से जुड़े कई बड़े मंत्री शामिल हुए। बैठक की अगुवाई ऊर्जा मंत्री Manohar Lal Khattar ने की। उनके साथ पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri, उपभोक्ता मामलों के मंत्री Pralhad Joshi और भारी उद्योग मंत्री H. D. Kumaraswamy भी मौजूद रहे।

 LPG पर निर्भरता घटाने की रणनीति तैयार

बैठक में सबसे ज्यादा जोर इस बात पर दिया गया कि घरेलू स्तर पर LPG पर निर्भरता कैसे कम की जाए। इसके लिए पाइप्ड गैस यानी PNG कनेक्शन को तेजी से बढ़ाने की योजना पर चर्चा हुई।

इसके अलावा इलेक्ट्रिक विकल्पों को बढ़ावा देने की दिशा में भी सरकार सक्रिय दिखी। इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने और इंडक्शन कुकटॉप के उपयोग को बढ़ाने पर भी विचार किया गया।

सस्ती बिजली से बदलेगी किचन की तस्वीर?

मंत्रियों के बीच यह सुझाव भी सामने आया कि क्या दिन के समय बिजली की दरों को कम किया जा सकता है, ताकि लोग खाना बनाने के लिए गैस के बजाय बिजली का ज्यादा उपयोग करें। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो घरेलू रसोई में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है और LPG की खपत में कमी आ सकती है।

अगली बैठक में आएगी विस्तृत योजना

सरकार ने तय किया है कि अगली बैठक में संबंधित मंत्रालयों के सचिव इन सभी प्रस्तावों पर विस्तृत प्रेजेंटेशन देंगे। इसमें टाइमलाइन, बजट और क्रियान्वयन की स्पष्ट रणनीति रखी जाएगी, ताकि जल्द से जल्द जमीन पर काम शुरू किया जा सके।

तेल कंपनियों ने दी राहत की खबर

इस बीच, सरकारी तेल कंपनियों ने साफ किया है कि देश में फिलहाल पेट्रोल, डीजल और LPG की कोई कमी नहीं है। Indian Oil Corporation और Bharat Petroleum Corporation Limited ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों से बचें और घबराहट में ईंधन की अनावश्यक खरीद न करें। कंपनियों के मुताबिक देश में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और सप्लाई पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।

 LPG पर सबसे ज्यादा असर, आयात पर निर्भरता बड़ी वजह

विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का सबसे ज्यादा असर LPG सप्लाई पर पड़ा है। भारत अपनी जरूरत का करीब 60% LPG आयात करता है, जिसमें खाड़ी देशों की अहम भूमिका है। हालांकि सरकार ने वैकल्पिक स्रोतों से कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ाकर स्थिति को संतुलित किया है, लेकिन LPG की चुनौती अब भी बनी हुई है।

लंबी रणनीति पर काम शुरू

सरकार अब दीर्घकालिक समाधान के तौर पर स्वच्छ ऊर्जा विकल्पों जैसे PNG, इलेक्ट्रिक कुकिंग और EV को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है। इससे न केवल LPG पर निर्भरता घटेगी, बल्कि पर्यावरण को भी फायदा मिलेगा।


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Content Writer

SHUKDEV PRASAD

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