दिल्ली की जगन्नाथ रथ यात्रा में पहली बार महिलाओं के हाथों खिंचेगा देवी सुभद्रा का रथ, मिलेगा महिला सशक्तीकरण का संदेश
punjabkesari.in Tuesday, Jul 14, 2026 - 12:59 PM (IST)
नेशनल डेस्क: राजधानी दिल्ली में इस वर्ष भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक पहल की गवाह बनेगी। पहली बार देवी सुभद्रा के देवदलन रथ को केवल महिला श्रद्धालु खींचेंगी। इस विशेष आयोजन का उद्देश्य महिला सशक्तीकरण और लैंगिक समानता का संदेश देना है। धार्मिक आस्था और सामाजिक जागरूकता के संगम के रूप में आयोजित यह पहल दिल्ली-एनसीआर की जगन्नाथ रथ यात्रा को एक नई पहचान देने जा रही है।
अगर इस रथ यात्रा में भी शामिल होना चाहता हैं तो त्यागराज क्ष्य नगर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में एक आयोजित होने वाले रथ यात्रा नी' महोत्सव में पहुंच सकते हैं और ऐतिहासिक आयोजन के साक्षी बन सकते हैं। यात्रा में सबसे आगे बलभद्र और पीछे जगन्नाथ का रथ होगा, जबकि बीच में देवी सुभद्रा का रथ महिलाएं खींचती दिखेंगी। इसका उद्देश्य महाप्रभु जगन्नाथ की 59 वीं रथ यात्रा में महिला सशक्तीकरण और लैंगिक समानता के संदेश को प्रोत्साहित करना है। रथ को पहले मंदिर समिति की महिलाएं खींचेगी फिर अन्य महिला श्रद्धालु इसमें शामिल होंगी। श्री जगन्नाथ मंदिर एवं ओडिशा कला एवं सांस्कृतिक केंद्र के पदाधिकारियों ने कहा कि पारंपरिक 'छेरा पहरा' अनुष्ठान होगा। दोपहर तीन बजे रथ यात्रा का शुभारंभत्यागराज स्टेडियम से किया जाएगा। रथ यात्रा श्री जगन्नाथ मार्ग, विकास सदन चौराहा, आईएनए मार्केट, राज्यसभा कर्मचारी आवासीय परिसर होते हुए श्री गुंडिचा मंदिर पहुंचेगी।
ग्यारह दिन के कार्यक्रम में पहली बार तीन रथ निकलेंगे
यह 11 दिवसीय रथ यात्रा महोत्सव होगा। इसमें तीन रथ, नंदीघोष, तलध्वज और देवदलन शामिल होंगे। यह तीनों महाप्रभु जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के लिए समर्पित होंगे। बीजे' अनुष्ठान के माध्यम से भगवानों को गर्भगृह से बाहर लाया जाएगा। वहीं, दोपहर एक बजे तक उन्हें श्री जगन्नाथ मार्ग (बड़दांडा) पर स्थापित उनके अपने रथों पर विराजमान किया जाएगा। इस वर्ष श्री गुंडिचा मंदिर का अस्थायी निर्माण पुरी स्थित गुंडिचा मंदिर की स्थापत्य शैली के अनुरूप किया है।
ओडिशा से आए कारीगर
दिल्ली में जगन्नाथ रथ यात्रा को लेकर मंदिरों में में तैयारियां पूरी हो गई हैं। हौज खास स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में 48वीं रथ यात्रा का आयोजन किया जाएगा। यहां रथ को ओडिशा के कारीगरों ने तैयार किया है। श्री नीलाचल सेवा संघ ने बताया कि रथ को कलकत्ता और कुछ विदेशी फूलों से सजाया जाएगा।
सांस्कृतिक झलक दिखेगी
मंदिरों में प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। रथ यात्रा महोत्सव के दौरान बच्चों और महिलाओं के लिए नृत्य, संगीत और विभिन्न भक्ति आधारित प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। वहीं, प्रतिदिन देशभर से आए कलाकार ओडिसी, कथक और अन्य लोक नृत्य प्रस्तुत करेंगे।
