Kidney Damage Alert: किडनी डैमेज के केवल पुरुषों में दिखते हैं ये लक्षण, 99% लोग करते हैं इग्नोर, जानें बचाव के उपाय

punjabkesari.in Friday, Jan 23, 2026 - 08:21 PM (IST)

नेशनल डेस्कः आजकल जिम, मसल्स और फिटनेस पर ध्यान देने वाले पुरुष अपनी सेहत की एक अहम कड़ी को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं – किडनी की सेहत। डॉक्टरों का कहना है कि यूरिन में प्रोटीन का आना, यानी प्रोटीन्यूरिया, शुरुआती दौर में कोई लक्षण नहीं दिखाता, लेकिन यह किडनी के धीरे-धीरे खराब होने का संकेत हो सकता है। अगर समय रहते इसका पता न चले, तो यह भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का रूप ले सकता है।

किडनी कैसे काम करती है?
किडनी हमारे शरीर का मुख्य फिल्टर सिस्टम है। यह खून से गंदगी और अतिरिक्त पानी निकालती है, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करती है, इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखती है और रेड ब्लड सेल्स बनाने में मदद करती है। स्वस्थ किडनी के फिल्टर (ग्लोमेरुली) यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रोटीन जैसे बड़े तत्व यूरिन में न जाएं।

प्रोटीन्यूरिया क्या है और क्यों है खतरनाक?
जब किडनी के ये फिल्टर सही तरह से काम नहीं करते, तो प्रोटीन पेशाब के जरिए बाहर निकलने लगता है। शुरुआत में इसके कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाई देते, इसलिए इसे साइलेंट किडनी बीमारी कहा जाता है। जैसे-जैसे समस्या बढ़ती है, पैरों और टखनों में सूजन, थकान, झागदार पेशाब और रात में बार-बार पेशाब आने जैसे लक्षण नजर आने लगते हैं।

पुरुषों में खतरा क्यों ज्यादा?
पुरुषों में कम उम्र में हाई ब्लड प्रेशर होने की संभावना अधिक होती है, जो किडनी खराब होने की प्रमुख वजह है। इसके अलावा टाइप-2 डायबिटीज, उम्र के साथ बढ़ता प्रोस्टेट, धूम्रपान, अधिक शराब का सेवन, प्रोसेस्ड फूड और रेड मीट जैसी आदतें भी किडनी के लिए नुकसानदेह हैं। लक्षणों को नजरअंदाज करने से बीमारी की पहचान और इलाज में देर हो सकती है।

प्रोटीन्यूरिया की पहचान कैसे करें?
प्रोटीन्यूरिया की पहचान किसी जटिल टेस्ट के बिना भी की जा सकती है। साधारण यूरिन टेस्ट से पेशाब में प्रोटीन का पता चल सकता है। अगर रिपोर्ट में प्रोटीन पाया जाता है, तो डॉक्टर आगे की जांच जैसे स्पॉट यूरिन प्रोटीन-क्रिएटिनिन रेशियो, 24 घंटे की यूरिन जांच और खून के टेस्ट करवाकर किडनी की स्थिति का मूल्यांकन करते हैं।

किडनी को स्वस्थ रखने के उपाय

- ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखें।

- वजन नियंत्रित रखें और नियमित एक्सरसाइज करें।

- प्रोसेस्ड फूड, लाल मांस और मीठे पेय पदार्थ कम करें।

- फल, सब्जियां, साबुत अनाज और हल्का प्रोटीन अपने आहार में शामिल करें।

- समय-समय पर हेल्थ चेकअप कराते रहें। 
 


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Content Editor

Sahil Kumar

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