पथरी के मरीजों के लिए जरूरी खबर: जानें क्या खून की जांच से भी पकड़ा जा सकता है Kidney Stone?

punjabkesari.in Tuesday, Mar 03, 2026 - 03:38 PM (IST)

Blood Tests for Kidney Stone : बदलती खान-पान की आदतों के कारण युवाओं में किडनी स्टोन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जब शरीर में कैल्शियम, ऑक्सालेट और यूरिक एसिड जैसे मिनरल्स जमा होकर क्रिस्टल बन जाते हैं तो ये पथरी का रूप ले लेते हैं लेकिन सवाल यह है कि इसका पता कैसे लगाया जाए? क्या सिर्फ खून की जांच (Blood Test) काफी है या अल्ट्रासाउंड (Ultrasound) कराना अनिवार्य है?

ब्लड टेस्ट: शरीर की केमिस्ट्री का आईना

सर गंगाराम अस्पताल के यूरोलॉजी विभाग के वाइस चेयरमैन डॉ. अमरेंद्र पाठक बताते हैं कि ब्लड टेस्ट से सीधे तौर पर पथरी नहीं देखी जा सकती लेकिन यह इनडायरेक्ट संकेत जरूर देता है। अगर खून में इनका स्तर बढ़ा हुआ है तो यह पथरी होने का शुरुआती संकेत हो सकता है।

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ब्लड टेस्ट से क्रिएटिनिन और यूरिया के लेवल का पता चलता है। अगर पथरी पेशाब की नली में रुकावट डाल रही है तो ये लेवल बढ़ जाते हैं। खून की जांच यह बताती है कि क्या पथरी की वजह से शरीर के अंदर कोई संक्रमण (Infection) फैल रहा है।

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अल्ट्रासाउंड: शरीर की ज्योग्राफी का नक्शा

डॉक्टर अल्ट्रासाउंड कराने पर जोर इसलिए देते हैं क्योंकि यह वह जानकारी देता है जो ब्लड टेस्ट कभी नहीं दे सकता। अल्ट्रासाउंड से पथरी की संख्या (Number), आकार (Size) और जगह (Location) का साफ पता चलता है। कई बार छोटी पथरी भी पेशाब का रास्ता रोक देती है जिससे किडनी में पेशाब भरने लगता है और सूजन आ जाती है। इसे अल्ट्रासाउंड के जरिए तुरंत पकड़ा जा सकता है। यदि रुकावट का समय पर पता न चले तो किडनी हमेशा के लिए डैमेज हो सकती है।

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दोनों टेस्ट क्यों हैं जरूरी?

विशेषज्ञों का मानना है कि ब्लड टेस्ट और अल्ट्रासाउंड मिलकर इलाज की दिशा तय करते हैं। अगर अल्ट्रासाउंड में पथरी छोटी है और ब्लड टेस्ट में किडनी फंक्शन सामान्य है तो डॉक्टर केवल पानी और दवाओं से इसे निकालने की कोशिश करते हैं। यदि ब्लड टेस्ट में इन्फेक्शन के संकेत हैं और अल्ट्रासाउंड में पथरी बड़ी दिख रही है तो तुरंत सर्जरी या मेडिकल इंटरवेंशन की जरूरत होती है।


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Content Editor

Rohini Oberoi

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