केरल के मंदिर उत्सव बने खौफनाक मंजर, बेकाबू हाथियों ने ढ़ाया कहर, पैरों से कुचलकर दो लोगों को उतारा मौत के घाट
punjabkesari.in Monday, May 04, 2026 - 11:16 AM (IST)
नेशनल डेस्क : केरल में धार्मिक आयोजनों के बीच उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब आस्था के प्रतीक माने जाने वाले हाथी अचानक बेकाबू होकर तबाही का कारण बन गए। कुछ ही घंटों के अंतराल में दो अलग-अलग मंदिर आयोजनों में हुई इन घटनाओं ने न सिर्फ उत्सव का माहौल मातम में बदल दिया, बल्कि मंदिरों में हाथियों की मौजूदगी को लेकर सुरक्षा इंतजामों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
उत्सव के दौरान हाथी का कहर
पहली घटना राज्य के एक मंदिर समारोह में सामने आई, जहां उत्सव के दौरान मौजूद एक हाथी अचानक आक्रामक हो उठा। देखते ही देखते शांत माहौल चीख-पुकार में बदल गया। मौके पर मौजूद श्रद्धालु जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इस भगदड़ और हमले में हाथी को लेकर पहुंचे वाहन चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसे नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे एक अन्य कर्मचारी को गंभीर चोटें आईं।
बेकाबू हाथी ने कई गाड़ियों को किया क्षतिग्रस्त
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हाथी ने बेकाबू होने के बाद आसपास खड़े कई वाहनों को नुकसान पहुंचाया। कुछ चारपहिया और दोपहिया वाहन उसकी चपेट में आकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया और स्थानीय लोगों ने तुरंत प्रशासन को सूचना दी।
दवा देने के बाद काबू में आया हाथी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग और प्रशिक्षित बचाव दल को मौके पर बुलाया गया। टीम ने काफी देर तक हाथी को शांत करने की कोशिश की, लेकिन वह लगातार उग्र बना रहा। आखिरकार विशेषज्ञों की मदद से उसे शांत करने के लिए विशेष दवा दी गई, जिसके बाद काफी मशक्कत के बाद उसे नियंत्रित किया जा सका। हैरानी की बात यह रही कि यह हाथी पहले कई बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल हो चुका था और उसका व्यवहार सामान्य माना जाता था। घटना के बाद विशेषज्ञ यह जानने में जुटे हैं कि आखिर अचानक उसके हिंसक होने की वजह क्या रही।
दूसरी घटना में हाथी ने अपने केयरटेकर्स पर किया हमला
इसी दिन राज्य के एक अन्य प्रसिद्ध मंदिर में भी ऐसा ही हादसा हुआ, जहां एक और हाथी ने अपने केयरटेकर्स पर हमला कर दिया। इस घटना में एक सहायक कर्मचारी की जान चली गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया जा रहा है कि हाथी को पहले से नियंत्रित हालत में रखा गया था, लेकिन अचानक उसने हमला बोल दिया।
दो अलग-अलग घटनाओं में हुई मौतों ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। प्रशासन ने दोनों मामलों की जांच शुरू कर दी है और यह भी देखा जा रहा है कि आयोजन समितियों की ओर से सुरक्षा मानकों में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई। इन घटनाओं के बाद धार्मिक आयोजनों में हाथियों के इस्तेमाल को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है।
