ममता दीदी के घर बैठक के दौरान पसरा सन्नाटा, 80 में से पहुंचे 8 विधायक, क्या पूरी तरह से ख़त्म हो गया दीदी का ''खेला''?
punjabkesari.in Saturday, Jun 06, 2026 - 01:17 PM (IST)
नेशनल डेस्क: बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी की अपनी ही पार्टी में बड़ी बगावत शुरु हो गई है। बीते 15 सालों से राज्य पर राज करने वाली टीएमसी पर राजनीतिक संकट गहरा गया है। मई में हुए विधानसभा चुनावों में ममता को बड़ी हार का सामना करना पड़ा। पार्टी केवल 80 सीटों पर सिमट गई। पार्टी के 80 में से 58 विधायकों ने ममता बनर्जी के खिलाफ खुला विद्रोह कर दिया है, जिससे 1998 में गठित हुई इस 30 साल पुरानी पार्टी में अब तक की सबसे बड़ी फूट पड़ गई है।
ऋतब्रत बनर्जी बने बागी गुट के कमांडर
पार्टी से निष्कासित नेता ऋतब्रत बनर्जी इस पूरे विद्रोह की अगुवाई कर रहे हैं। बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) से मुलाकात के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने खुद को सदन में विपक्ष का नेता घोषित कर दिया, जिसे स्पीकर ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार भी कर लिया है। बागी गुट का दावा है कि वे ही अब विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल हैं।
मुस्लिम विधायकों ने भी मोड़ा मुंह
इसके अलावा मुस्लिम विधायकों ने भी इस बगावत का ऐलान कर दिया है। यहां पर हैरान करने वाली बात यह है कि बागियों में टीएमसी के करीब आधे मुस्लिम विधायक शामिल हैं।

दीदी के घर बैठक में पहुंचे सिर्फ 8 वफादार
ममता बनर्जी ने शुक्रवार को हालातों पर काबू पाने के लिए एक बैठक बुलाई थी। इसमें 80 में से 8 विधायक पहुंचे। बैठक में आने वालों में फिरहाद हाकिम, मदन मित्रा, कुणाल घोष और सोभनदेव चट्टोपाध्याय जैसे कुछ गिने-चुने वफादार नेता और कुछ सांसद ही शामिल थे।
अदालत का दरवाजा खटखटाएगी TMC
टीएमसी नेतृत्व ने स्पीकर द्वारा बागी गुट को दी गई मान्यता को पूरी तरह से असंवैधानिक करार दिया है। पार्टी के वरिष्ठ सांसद और वकील कल्याण बनर्जी ने कहा कि स्पीकर का यह फैसला पूरी तरह से गैरकानूनी है। हम इसके खिलाफ सोमवार को हाईकोर्ट का रुख करेंगे। इसके अलावा, बीजेपी जानबूझकर पर्दे के पीछे से हमारे कार्यकर्ताओं और नेताओं को निशाना बना रही है।
