राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ी खबर: राशन सिस्टम में बड़ा बदलाव, अनाज की जगह सीधे अकाउंट में आएंगे राशन के पैसे!
punjabkesari.in Thursday, Feb 05, 2026 - 01:06 PM (IST)
नेशनल डेस्क: अगर आप सरकारी राशन के लाभार्थी हैं, तो आने वाले दिनों में आपके अनाज लेने का तरीका पूरी तरह बदलने वाला है। केंद्र सरकार पीडीएस (PDS) सिस्टम को हाई-टेक बनाने की तैयारी में है, जिसमें अब आपको अनाज के भारी कट्टे ढोने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सोशल मीडिया पर चल रही उन अफवाहों से घबराने की जरूरत नहीं है जिनमें कहा जा रहा है कि फ्री राशन बंद हो जाएगा; हकीकत यह है कि सरकार वितरण को आसान और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए 'नकद' या 'डिजिटल वाउचर' का रास्ता अपना रही है।
e-RUPI: राशन की नई करेंसी
सरकार अब अनाज की जगह लाभार्थियों को e-RUPI (डिजिटल वाउचर) देने पर विचार कर रही है। चंडीगढ़ जैसे शहरों में इसका ट्रायल शुरू हो चुका है। इसमें होगा यह कि आपके मोबाइल पर एक डिजिटल कोड आएगा, जिसे दिखाकर आप बाजार से अपनी पसंद और अच्छी क्वालिटी का राशन खरीद सकेंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको कोटेदार के नखरे या खराब अनाज की शिकायत नहीं रहेगी।
जेब में आएंगे हर महीने ₹1000?
चर्चा है कि कई राज्य सरकारें और केंद्र मिलकर राशन कार्ड धारकों को हर महीने करीब 1,000 रुपये की सीधी नकद मदद देने की योजना पर काम कर रही हैं। यह पैसा इसलिए दिया जाएगा ताकि परिवार सिर्फ गेहूं-चावल ही नहीं, बल्कि दाल, तेल और दूध जैसी पौष्टिक चीजें भी खरीद सके। इसके अलावा, दिल्ली जैसे राज्यों में मुफ्त गैस सिलेंडर का लाभ भी सीधे बैंक खाते में (करीब ₹853) भेजने की तैयारी है।
किसे मिलेगा यह नया फायदा?
इस नई व्यवस्था का लाभ उन सभी को मिलेगा जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के दायरे में आते हैं:
अंत्योदय कार्ड धारक: सबसे गरीब परिवार।
प्राथमिकता वाले परिवार (PHH): वे लोग जिनकी आय सीमा अब बढ़ाकर ₹1.20 लाख सालाना तक कर दी गई है।
जरूरी शर्त: आपका राशन कार्ड आधार से लिंक होना चाहिए और एक चालू बैंक खाता होना अनिवार्य है।
क्या फ्री अनाज योजना खत्म हो जाएगी?
बिल्कुल नहीं। 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना' के तहत मिलने वाला मुफ्त राशन जारी रहेगा। सरकार सिर्फ उन इलाकों में कैश या e-RUPI का विकल्प दे रही है जहाँ राशन दुकानों पर अनाज पहुंचाने में दिक्कत आती है या जहाँ लोग खुद बाजार से खरीदारी करना चाहते हैं। यानी अब आपके पास चुनाव करने की आजादी होगी कि आपको सरकारी दुकान से गेंहू-चावल चाहिए या खाते में पैसे।
