40 से 60 साल वालों को बड़ी राहत! अब नहीं पड़ेगी मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट लेने की जरूरत, करोड़ों लोगों को मिलेगा फायदा

punjabkesari.in Thursday, Jan 15, 2026 - 11:13 AM (IST)

Driving License Rules : केंद्र सरकार देश में ड्राइविंग लाइसेंस (DL) और वाहनों से जुड़े नियमों को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और आसान बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) मोटर वाहन नियमों में क्रांतिकारी संशोधनों पर विचार कर रहा है। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य 'ईज ऑफ लिविंग' (Ease of Living) को बढ़ावा देना और आरटीओ (RTO) दफ्तरों के चक्कर काटने की मजबूरी को खत्म करना है।

40 से 60 साल वालों को बड़ी राहत

नए प्रस्तावित नियमों में सबसे बड़ी राहत मध्यम आयु वर्ग के लोगों को दी गई है। अब 40 से 60 वर्ष की आयु के लोगों को नया लाइसेंस बनवाने या पुराने को रिन्यू कराने के लिए डॉक्टर से मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं होगी। इस बदलाव से करोड़ों लोगों के समय और पैसे की बचत होगी क्योंकि अब तक इस उम्र सीमा के बाद हर रिन्यूअल पर मेडिकल सर्टिफिकेट अनिवार्य था।

पेनल्टी प्वाइंट सिस्टम: सिर्फ जुर्माना नहीं, अब लाइसेंस पर भी खतरा

सरकार अब सिर्फ चालान काटने तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि चालक के व्यवहार को सुधारने पर जोर देगी। इसके लिए 'पेनल्टी प्वाइंट सिस्टम' लागू करने की योजना है। जब भी आप कोई ट्रैफिक नियम तोड़ेंगे, तो आपके डिजिटल लाइसेंस पर कुछ 'पेनल्टी प्वाइंट्स' जुड़ जाएंगे। यदि ये पॉइंट्स एक तय सीमा से अधिक हो जाते हैं तो आपका ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड (निलंबित) कर दिया जाएगा। बार-बार गलती करने वालों पर ड्राइविंग करने से अस्थायी रोक भी लगाई जा सकती है।

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जेब पर दोहरी मार: बढ़ सकता है बीमा प्रीमियम

सरकार इन पेनल्टी पॉइंट्स को आपके वाहन बीमा (Vehicle Insurance) से जोड़ने पर भी विचार कर रही है। अगर आपके लाइसेंस पर ज्यादा पेनल्टी पॉइंट्स हैं तो अगली बार बीमा रिन्यू कराते समय आपको ज्यादा प्रीमियम देना पड़ सकता है। वाहन खरीदने-बेचने की प्रक्रिया में धोखाधड़ी रोकने के लिए आधार आधारित वेरिफिकेशन को अनिवार्य किया जा सकता है।

सब कुछ होगा डिजिटल: RTO जाने की झंझट खत्म

भविष्य में ड्राइविंग टेस्ट और लाइसेंस अप्रूवल की प्रक्रिया और तेज होगी। अब मोबाइल नंबर, घर का पता या अन्य व्यक्तिगत विवरण अपडेट करने के लिए दफ्तर जाने की जरूरत नहीं होगी। लाइसेंस धारक खुद पोर्टल पर जाकर इसे डिजिटल रूप से अपडेट कर सकेंगे। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और काम समय पर पूरा होगा।


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Content Editor

Rohini Oberoi

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