''8 घंटे से ज्यादा बीत गए, पता नहीं कि वह कहां है'': दिपके को हिरासत में लिए जाने पर CJP के अजिंक्य शिंदे का बयान

punjabkesari.in Saturday, Oct 17, 2026 - 08:04 AM (IST)

नई दिल्ली : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने आरोप लगाया है कि उनके कार्यकर्ता अभिजीत दिपके को हिरासत में लिए हुए आठ घंटे से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि वह कहां हैं। पार्टी का दावा है कि न तो उनकी टीम को और न ही उनके वकीलों को यह बताया गया है कि उन्हें किस आधार पर हिरासत में लिया गया है। CJP के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे ने बताया कि पार्टी के प्रतिनिधि दिपके के बारे में पता लगाने के लिए संसद मार्ग पुलिस स्टेशन गए थे, लेकिन उन्हें बताया गया कि वह वहां नहीं हैं। 

शनिवार को मीडिया से बात करते हुए शिंदे ने कहा, 'उन्हें (अभिजीत दिपके) हिरासत में लिए हुए 8 घंटे से ज्यादा हो चुके हैं, फिर भी हमें नहीं पता कि वह कहां हैं। वे उन्हें न तो किसी वकील से बात करने दे रहे हैं और न ही हमारी टीम से। हम यह भी नहीं जान पाए हैं कि उन्हें किस आधार पर हिरासत में लिया गया है।' उन्होंने आगे बताया कि पुलिस ने उन्हें उस पुलिस स्टेशन से संपर्क करने की सलाह दी है, जिसके अधिकार क्षेत्र में दिपके को हिरासत में लिया गया था। 

शिंदे ने कहा, 'हमें बताया गया कि वे कोई जानकारी नहीं दे सकते। उन्होंने सुझाव दिया कि हम उस इलाके के पुलिस स्टेशन में पूछताछ करें जहां से उन्हें हिरासत में लिया गया था। उन्होंने बस इतना कन्फर्म किया कि वह संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में नहीं हैं।' इस बीच नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रवक्ता अनीश गवांडे ने दावा किया कि दिपके को शायद 'प्रिवेंटिव डिटेंशन' (एहतियाती हिरासत) में रखा गया है और उन्होंने उनकी तुरंत रिहाई की मांग की।

गवांडे ने कहा, 'धारा 163 के तहत, अभिजीत दिपके देश के किसी भी कानून का उल्लंघन नहीं कर रहे थे। इसलिए, उनकी गिरफ्तारी के लिए कोई ठोस अपराध नहीं बनता है, और न ही उन्होंने अपनी जमानत या बॉन्ड की शर्तों का कोई उल्लंघन किया है। इसलिए, हमारा मानना ​​है कि उन्हें शायद 'प्रिवेंटिव डिटेंशन' में रखा गया है।' 

उन्होंने कहा कि पार्टी को उम्मीद है कि दिपके को जल्द ही रिहा कर दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उन्हें हिरासत में ही रखा जाता है, तो पार्टी इस मामले को और आगे बढ़ाएगी। गवांडे ने यह भी आरोप लगाया कि न तो दिपके के वकीलों को और न ही उनके परिवार को यह बताया गया है कि वह कहां हैं या उन्हें किस वजह से हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा, 'तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं है; वह बस तिरंगा लेकर चल रहे थे, तभी उन्हें पकड़ लिया गया। उन्होंने पुलिस से कहा था कि अगर वे नहीं चाहते कि वह आगे बढ़ें, तो वे कोई दूसरी जगह बता सकते हैं। लेकिन कोई विकल्प नहीं दिया गया; इसके बजाय, उन्हें हिरासत में ले लिया गया।' 

गवांडे ने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने दिपके की टीम और उनके कानूनी प्रतिनिधियों से बातचीत का कोई जरिया नहीं बनाया जिससे उन्हें उनकी हिरासत के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। उन्होंने आगे कहा, 'हमें यह नहीं बताया गया है कि उन्हें हिरासत में क्यों लिया गया, उन्हें कहां रखा गया है, या उन्हें कितने समय तक हिरासत में रखा जाएगा।' शुक्रवार को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में CJP के प्रस्तावित 'लहरा दो तिरंगा' विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने दिपके को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने नई दिल्ली स्थित उनके आवास से दिपके को 'प्रिवेंटिव डिटेंशन' (एहतियाती हिरासत) में लिया। इसके लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई थी। CJP के प्रतिनिधियों का आरोप है कि उन्हें किसी अज्ञात जगह पर ले जाया गया और वहां उन्हें वकीलों से मिलने की अनुमति नहीं दी गई।

CJP ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध जताने के लिए "लहरा दो तिरंगा" मार्च का आयोजन किया था। दिपके के अलावा प्रदर्शन के दौरान कई छात्र और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया। इनमें ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा भी शामिल थीं, जिन्हें मंडी हाउस के पास से हिरासत में लिया गया। कुल मिलाकर 150 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच सेंट्रल पार्क को दो दिनों के लिए बंद कर दिया गया था। वहां भारी बैरिकेडिंग की गई थी और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया था। 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Sanjeev

Related News