क्या रसोई गैस सिलेंडर से जुड़े ये फायदे जानते हैं आप, काम आएगी जानकारी

2020-02-14T11:01:36.503

बिजनेस डेस्क: भारत के हर घर में अब गैस सिलेंडर का प्रयोग पहुंच चुका है। भारत के ग्रामीण इलाकों में जहां कभी पारंपरिक तरीके से लकड़ी, गोबर के उपले इस्तेमाल होते थे वहां आज गैस सिलेंडर से खाना बन रहा है। जिनके घर पर गैस कनेक्शन नहीं थे उसने लिए सरकार ने उज्जवला योजना के तहत यह सुविधा उपलब्ध कराई है। यानी कि अब देश के गरीब से गरीब व्यक्ति के पास भी खुद है गैस कनेक्शन है। क्या आप जानते हैं घर में खाना बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले इस सिलेंडर का 50 लाख का बीमा भी होता है। हालांकि जानकारी के अभाव में उपभोक्ता इसका लाभ नहीं उठा पाते हैं। आज हहम आपको ऐसे ही गैस सिलेंडर से जुड़े कुछ फायदों के बारे में बताएंगे जो शायद आपको पहले नहीं पता होंगे।

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गैस सिलेंडर पर मिलता है 50 लाख का बीमा

  • सिलेंडर खरीदते वक्त थी इसका इंश्योरेंस हो जाता है। 50 लाख रुपए तक होने वाले इंश्योरेंस की जानकारी लोगों को नहीं दी जाती। सिलेंडर का इंश्योरेंस की एक्सपायरी से जुड़ा हुआ होता है। अक्सर लोग सिलेंडर एक्सपायरी डेट की जांच किए बिना ही उसे खरीद लेते हैं। ऐसे में इस बात का ध्यान रखना बड़ा ही जरूरी होता है। 
  • एक्सपायर्ड सिलेंडर मिलने पर उपभोक्ता एजेंसी को सूचना देकर सिलेंडर रिप्लेस करा सकता है। गैस एजेंसी के रिप्लेसमेंट से मना करने पर वह खाद्य या प्रशासनिक अधिकारी से शिकायत कर सकता है। इसे सेवा में भी कमी दिखने पर उपभोक्ता फोरम में मामला दायर किया जा सकता है।

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ऐसे करें एक्सपायरी डेट की पहचान

  • सिलेंडर की पट्टी पर ए, बी, सी, डी में से एक लेटर के साथ नंबर होते हैं।
  • गैस कंपनियां 12 महीनों को चार हिस्सों में बांटकर सिलेंडर्स का ग्रुप बनाती हैं।
  • 'ए' ग्रुप में जनवरी, फरवरी, मार्च और 'बी' ग्रुप में अप्रैल मई जून होते हैं। ऐसे ही 'सी' ग्रुप में जुलाई, अगस्त, सितंबर और 'डी' ग्रुप में अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर होते हैं।
  • सिलेंडर्स पर इन ग्रुप लेटर के साथ लिखे नंबर एक्सपायरी या टेस्टिंग ईयर दर्शाते हैं। जैसे- 'बी-12' का मतलब सिलेंडर की एक्सपायरी डेट जून, 2012 है। ऐसे ही, 'सी-12' का मतलब सितंबर, 2012 के बाद सिलेंडर का इस्तेमाल खतरनाक है।

 

उपभोक्ता का होता है दुर्घटना बीमा 

  • गैस कनेक्शन लेते ही उपभोक्ता का 10 से 25 लाख रुपए तक का दुर्घटना बीमा हो जाता है। इसके तहत गैस सिलेंडर से हादसा होने पर पीड़ित बीमा का क्लेम कर सकता है। 
  • इसके लिए दुर्घटना होने के 24 घंटे के भीतर संबंधित एजेंसी व लोकल थाने को सूचना देनी होगी और दुर्घटना में मृत्यु होने पर जरूरी प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना होगा। एजेंसी अपने क्षेत्रीय कार्यालय और फिर क्षेत्रीय कार्यालय बीमा कंपनी को मामला सौंप देता है।

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गैस कनेक्शन कर सकते हैं ट्रांसफर 

  • गैस कनेक्शन से जुड़े फायदे की एक बात यह है कि आपको शहर बदलने पर गैस कनेक्शन की टेंशन लेने की आवश्यकता नहीं होती। आप अपना गैस कनेक्शन किसी भी शहर में जाने पर ट्रांसफर कर सकते हैं। इसके लिए आपको थोड़ी सी मेहनत करनी होगी। यह सेवा पूरे देश में ही लागू होती है।
  • गैस कनेक्शन ट्रांसफर कराने के लिए आपको रेजिडेंट रूप के रूप में आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, लीज एग्रीमेंट, वोटर आईडी, टेलीफोन, इलेक्ट्रिसिटी बिल, वाटर बिल, पासपोर्ट, राशन कार्ड में से कोई आईडी देनी आवश्यक होती है। 
  • फोटो आईडी के रूप में आधार कार्ड पासपोर्ट नंबर, पैन कार्ड, वोटर आईडी भी दे सकते हैं। इसके साथ-साथ शपथ पत्र लगाना होता है। केवाईसी फॉर्म के लिए दो फोटो देने भी आवश्यक होते हैं। इसके साथ बैंक अकाउंट लिंक कराने के लिए कैंसिल या चेक पासबुक की फोटोकॉपी देनी होती है।

vasudha

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