क्या प्राइवेट फ्लाइट में यात्रा करने वालों का भी होता है इंश्योरेंस? जानें कितना मिल सकता है मुआवजा
punjabkesari.in Friday, Jan 30, 2026 - 06:04 PM (IST)
नेशनल डेस्क : महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का प्राइवेट विमान हादसे का शिकार हो गया, जिसमें अजित पवार समेत कुल पांच लोगों की मौत हुई। यह दुर्घटना बारामती में जिला परिषद चुनावों की जनसभा के दौरान उनके प्राइवेट प्लेन के लैंडिंग के समय हुई। उनके निधन के बाद देशभर में लोगों के मन में यह सवाल उठने लगा कि प्राइवेट विमान में यात्रा करने वाले यात्रियों को इंश्योरेंस मिलता है या नहीं, और किस तरह का सुरक्षा कवच उपलब्ध होता है।
दरअसल, प्राइवेट विमान में यात्रा करने वाले यात्रियों को इंश्योरेंस मिलता है, लेकिन यह सामान्य एयरलाइन पॉलिसी से अलग और कस्टमाइज्ड होता है। प्राइवेट विमान की इंश्योरेंस पॉलिसी आमतौर पर विमान के मालिक या उड़ान संचालन करने वाली कंपनी द्वारा ली जाती है। इस पॉलिसी में विमान, क्रू और यात्री सभी को कवर किया जाता है। यात्रियों को मिलने वाला इंश्योरेंस कई फैक्टर्स पर निर्भर करता है, जैसे पॉलिसी की लिमिट, दुर्घटना का कारण और पॉलिसी में शामिल क्लॉज़।
साधारण तौर पर प्राइवेट विमान की पॉलिसी में डेथ बेनिफिट, पर्मानेंट डिसएबिलिटी बेनिफिट और मेडिकल खर्च कवर किया जाता है। हालांकि हर कंपनी सभी तरह का कवर नहीं देती, इसलिए कई बार यात्रियों को अलग से ट्रैवल इंश्योरेंस कराने की सलाह दी जाती है।
जहां तक रकम का सवाल है, यह पॉलिसी के टर्म्स और पॉलिसी अमाउंट पर निर्भर करती है। आम एयरलाइन इंश्योरेंस में लाखों रुपये का कवर मिलता है, जबकि प्राइवेट विमान की पॉलिसी में हाई-प्रोफाइल यात्रियों के लिए यह रकम कई करोड़ रुपये तक हो सकती है।
क्लेम प्रक्रिया में सबसे पहले दुर्घटना की रिपोर्ट और एनालिसिस तैयार की जाती है। इसके बाद इंश्योरेंस कंपनी को जरूरी दस्तावेज जैसे FIR, मेडिकल रिपोर्ट, पॉलिसी डिटेल्स और मृतक के बेनेफिशियरी की जानकारी सौंपनी होती है। इंश्योरेंस कंपनी सभी जानकारियों की जांच करने के बाद तय रकम का भुगतान करती है।
