RBI Kill Switch Plan: ₹10,000 से ऊपर के पेमेंट पर RBI लगाने जा रहा है 1 घंटे का 'होल्ड', एक बटन दबाते रुक जाएगा ऑनलाइन फ्रॉड
punjabkesari.in Friday, Apr 10, 2026 - 01:51 PM (IST)
नई दिल्ली: डिजिटल पेमेंट को और अधिक सुरक्षित करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अब बैंकिंग के नियमों में बड़े बदलाव करने की तैयारी में है। इन प्रस्तावों पर 8 मई, 2026 तक जनता की राय मांगी गई है। बता दें कि साल 2025 में देश ने ₹22,931 करोड़ की भारी-भरकम राशि साइबर फ्रॉड में गंवाई है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए RBI का सबसे बड़ा हथियार 'किल स्विच' (Kill Switch) होगा। यह आपके मोबाइल बैंकिंग या UPI ऐप में एक इमरजेंसी बटन की तरह काम करेगा।
यह क्या है? अगर आपको जरा भी शक हो कि आपका अकाउंट हैक हो गया है या आप किसी झांसे में आकर ट्रांजैक्शन कर रहे हैं, तो आप तुरंत इस बटन को दबाकर अपनी सभी डिजिटल सेवाएं (UPI, Net Banking, Card) ब्लॉक कर सकते हैं।
वापस कैसे शुरू होगा? इसे दोबारा चालू करने के लिए आपको सख्त सिक्योरिटी प्रोसेस से गुजरना होगा या बैंक की ब्रांच जाना पड़ सकता है।
2. ₹10,000 से ज्यादा के पेमेंट पर 'होल्ड'
अक्सर साइबर अपराधी शिकार को डराकर या जल्दबाजी में बड़ा अमाउंट ट्रांसफर करवा लेते हैं। अब ऐसा करना नामुमकिन होगा।
1 घंटे का टाइम गैप: ₹10,000 से अधिक के ट्रांजैक्शन पर 'लैग्ड क्रेडिट' (Lagged Credit) सिस्टम लागू होगा। पैसा तुरंत रिसीवर के पास नहीं पहुंचेगा, बल्कि 1 घंटे के होल्ड पर रहेगा।
कैंसिलेशन की सुविधा: इस एक घंटे के भीतर, अगर आपको एहसास होता है कि आपसे गलती या धोखाधड़ी हुई है, तो आप उस ट्रांजैक्शन को रद्द (Cancel) कर सकेंगे।
3. बुजुर्गों के लिए 'ट्रस्टेड पर्सन' (Trusted Person)
70 साल से ऊपर के वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों को सुरक्षा का एक एक्स्ट्रा लेयर देने के लिए RBI एक नया कॉन्सेप्ट लाया है। अब बुजुर्ग अपने किसी भरोसेमंद व्यक्ति (जैसे बेटा, बेटी या संबंधी) को अपने अकाउंट से लिंक कर सकेंगे। कोई भी बड़ा ट्रांजैक्शन होने पर उस 'ट्रस्टेड पर्सन' का वेरिफिकेशन जरूरी होगा, जिससे धोखाधड़ी की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।
4. म्यूल अकाउंट्स (Mule Accounts) पर शिकंजा
ठग अक्सर दूसरों के नाम पर फर्जी खाते खुलवाकर उनमें पैसा मंगाते हैं। RBI अब हर खाते की क्रेडिट लिमिट (Credit Limit) तय करने पर विचार कर रहा है, ताकि संदिग्ध खातों में करोड़ों का लेन-देन रोका जा सके।
क्यों जरूरी हैं ये बदलाव?
नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं:
- साल 2025 में मामले: करीब 28 लाख डिजिटल फ्रॉड दर्ज किए गए।
- देशवासियों की मेहनत के ₹22,931 करोड़ ठगों की जेब में चले गए।
- कुल फ्रॉड वैल्यू का लगभग 98.5% हिस्सा ₹10,000 से ऊपर वाले ट्रांजैक्शंस का होता है।
