महाराष्ट्र: कल्याण-डोंबिवली, ठाणे, उल्हासनगर में महायुति का मेयर तय! फडणवीस की वापसी पर अंतिम मुहर
punjabkesari.in Wednesday, Jan 21, 2026 - 11:44 PM (IST)
नेशनल डेस्क: महाराष्ट्र में हाल ही में संपन्न हुए नगर निगम चुनावों के बाद कल्याण-डोंबिवली (KDMC), उल्हासनगर (UMC) और ठाणे महानगरपालिका में सत्ता का गणित लगभग साफ हो चुका है। सियासी सूत्रों के मुताबिक, इन तीनों अहम नगर निगमों में महायुति गठबंधन (बीजेपी–शिवसेना) का मेयर बनना लगभग तय माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि गठबंधन स्तर पर सहमति बन चुकी है और अब सिर्फ औपचारिक ऐलान बाकी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दावोस दौरे से लौटने के बाद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ होने वाली अहम बैठक में अंतिम मुहर लग सकती है।
फडणवीस–शिंदे मीटिंग पर टिकी राजनीति की नजर
पिछले सप्ताह महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के बीच इन तीनों नगर निगमों के मेयर पद को लेकर विस्तृत मंथन हुआ था। चूंकि महायुति को इन नगर निगमों में स्पष्ट बहुमत मिला है, इसलिए गठबंधन यहां अपनी सत्ता कायम रखने के मूड में है। शुरुआत में मेयर पद को लेकर बीजेपी और शिवसेना के बीच खींचतान की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन राजनीतिक समीकरण तेजी से शिंदे गुट के पक्ष में झुकते नजर आए।
शिंदे गुट का नंबर गेम, बीजेपी पर बढ़ा दबाव
शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने शिवसेना के 53 पार्षदों के साथ-साथ मनसे के 5 पार्षदों को जोड़कर 58 सदस्यों का मजबूत समर्थन जुटा लिया है। इस समीकरण ने शिंदे गुट की स्थिति मजबूत कर दी, वहीं बीजेपी पर सत्ता में संतुलित हिस्सेदारी को लेकर दबाव बढ़ गया।
- ठाणे महानगरपालिका में शिवसेना के 67 में से 66 पार्षद शिंदे गुट के साथ खड़े हैं।
- कल्याण-डोंबिवली में भी शिवसेना के 53+ पार्षदों का समर्थन महायुति के पक्ष में है।
- उल्हासनगर में शिवसेना और बीजेपी के अलावा VBA, SAI और निर्दलीय पार्षदों के सहयोग से महायुति का मेयर चुना जाना तय माना जा रहा है।
22 जनवरी को तय होगी मेयर सीट की किस्मत
मुंबई महानगरपालिका (BMC) समेत राज्य की 29 नगर निगमों में महापौर पद के आरक्षण की प्रक्रिया 22 जनवरी 2026 को मंत्रालय में आयोजित की जाएगी। इस लॉटरी के जरिए यह तय होगा कि मेयर पद सामान्य ,महिला,अनुसूचित जाति (SC),अनुसूचित जनजाति (ST)और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) में से किस श्रेणी के लिए आरक्षित रहेगा।
आरक्षण की घोषणा के बाद पात्र उम्मीदवार नामांकन दाखिल करेंगे और इसके बाद चुनावी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। संभावना है कि जनवरी के अंत तक मेयर चुनाव संपन्न हो जाएंगे।
