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पियक्कड़ों ने ही खोल दी कठुआ पुलिस की पोल, लाकडाउन में खूब बिकी देसी शराब

2020-05-23T18:43:54.873

 कठुआ  : लाकडाउन से पहले कठुआ शहर से सटे देसी शराब तैयार करने वाले दो बड़े इलाकों पर कठुआ पुलिस की बड़े पैमाने पर दबिश भी ज्यादा समय तक काम नहीं आई। लाकडाउन के चलते बंद हुई शराब की दुकानों के बाद कठुआ में देसी शराब का धंधा धड़ल्ले से जारी रहा। शराब की दुकानों के खुलने से राहत लेने वाले पियक्कड़ों ने खुद ही कठुआ पुलिस की पोल खोल दी। सोशल मीडिया पर कठुआ जिला के ही विभिन्न इलाकों से वायरल हो रहे वीडियो से साफ हो गया कि लोगों ने लाकडाउन में देसी शराब का हर रोज सेवन किया। हालांकि पुलिस ने भी लाकडाउन के भीतर कई देसी शराब बनाने वाले ठिकानों को ध्वस्त करने के साथ ही कार्रवाई को सोशल मीडिया पर शेयर किया लेकिन देसी शराब के कारोबारी अधिकतर तौर पर देसी शराब का धंधा करने में कामयाब रहे। जिससे पुलिस की लाकडाउन से पहले बड़े पैमाने पर देसी शराब के कारोबारियों पर की गई कार्रवाई एक तरह से धराशाही हो गई।

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दरअसल कठुआ के बरनोटी और नगरी में शराब की दुकानें खुल गई। जिसके चलते यहां सोशल डिस्टैंसिंग को लेकर दुकानों के कर्मियों और पुलिस कर्मियों को भी मोर्चा संभालना पड़ा। शराब लेने के लिए आए लोगों से जब बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि लाकडाउन में उन्हें देसी शराब मिलती रही। ऐसा कोई दिन नहीं रहा, जिस दिन उन्हें देसी शराब न मिली हो। जाहिर सी बात है कि अगर इलाके में देसी शराब पियक्कड़ों को मिल रही थी, देसी शराब के कारोबारी इसमें पूरी सक्रियता से काम कर रहे थे। यही नहीं मोटे मुनाफे के चक्कर में उन्होंने नियमो को ताक पर रखते हुए गैर कानूनी ढंग से शराब तैयार की। जिसका सेवन भी खतरे से खाली नहीं था। बिना मापदंड और जांच के बिकने वाले देसी शराब से अगर किसी के स्वास्थ्य पर आ बनती तो इसका जिम्मेवारी किसने लेनी थी। पुलिस को चाहिए कि देसी शराब के कारोबारियों पर नकेल करने के लिए कदम उठाए। PunjabKesari

 

 पांच सौ तक मिलती रही देसी की बोतल  
कठुआ : पिछले कई दशकों से शहर से सटे चक दराब खां और घाटी क्षेत्र एक तरह से देसी शराब के कारोबार को लेकर प्रसिद्ध रहा है। जिला पुलिस ने भी इन दोनों इलाकों में बकायदा ड्रेान चलाकर और कुत्तों की मदद से देसी शराब के कारोबारियों पर दबिश दी थी। सैकड़ों की संख्या में पुलिस कर्मियों ने इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया था। कईयों को हिरासत में लिया गया था, हजारों लीटर लाहन नष्ट हुई थी। उस समय पियक्कड़ों को लगा था कि अब शायद ही देसी शराब कारोबारी फिर से इस ओर रुख करेंगे लेकिन हुआ इसके पूरी तरह से विपरीत। देसी शराब के कारोबारियों ने फिर सक्रियता के साथ देसी शराब का काम किया और बोतल तक शराब देने के पांच सौ तक भी लोगों से वसूले। लाकडाउन की शुरूआत से लेकर अब तक देसी शराब मिलने से साफ हो गया है कि अभी भी कारोबारी अपने काले कारोबार को अंजाम देने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रहे हैं। 

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माजिद महबूब, डी.एस.पी. मुख्यालय कठुआ

देसी शराब के विरुद्ध पुलिस की कार्रवाई जारी है। लाकडाउन के दौरान भी जहां जहां से उन्हें सूचनाएं मिली, वहां पर दबिश दी गई। पुलिस का इस दिशा में अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा--


Monika Jamwal

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