दिल्ली में 'लाडली योजना' बंद, 1 अप्रैल से ‘लखपति बिटिया’ की शुरुआत; जानें किसे मिलेगा लाभ?

punjabkesari.in Tuesday, Feb 10, 2026 - 09:06 PM (IST)

नेशनल डेस्क: दिल्ली सरकार ने बेटियों के भविष्य को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कैबिनेट बैठक के बाद ऐलान किया कि वर्ष 2008 से चल रही लाडली योजना को 31 मार्च 2026 तक चरणबद्ध रूप से समाप्त किया जाएगा। इसकी जगह 1 अप्रैल 2026 से नई दिल्ली लखपति बिटिया योजना लागू होगी, जिसमें बेटियों को पहले से ज्यादा आर्थिक सहायता और लंबी अवधि तक लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि लाडली योजना के तहत अलग-अलग चरणों में कुल 36 हजार रुपये जमा किए जाते थे, लेकिन समय के साथ इसमें कई व्यावहारिक समस्याएं सामने आईं। करीब 1.86 लाख खाते ऐसे पाए गए, जिनका पैसा कभी क्लेम ही नहीं किया गया। इस स्थिति को सुधारने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने बीते एक साल में लगभग 30 हजार बेटियों को ट्रेस कर 90 करोड़ रुपये उनके खातों में ट्रांसफर किए। इसके अलावा 41 हजार और लाभार्थियों की पहचान की गई है, जिन्हें आने वाले समय में लगभग 100 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। कुल मिलाकर करीब 190 करोड़ रुपये की राशि वास्तविक हकदारों तक पहुंचाई जा रही है।

क्या है दिल्ली लखपति बिटिया योजना की खास बातें?

नई योजना को पुराने सिस्टम से ज्यादा पारदर्शी और प्रभावी बताया जा रहा है। इसके तहत:

  • कुल सहायता राशि को 36 हजार से बढ़ाकर 56 हजार रुपये कर दिया गया है
  • लाभ की सीमा अब 12वीं तक नहीं, बल्कि ग्रेजुएशन तक होगी
  • मैच्योरिटी पर ब्याज सहित 1 लाख रुपये तक मिलने का प्रावधान
  • एक परिवार की दो बेटियां योजना का लाभ ले सकेंगी
  • सरकार पर अनुमानित 160 करोड़ रुपये का वित्तीय भार
  • योजना के संचालन के लिए अलग डिजिटल पोर्टल जल्द लॉन्च किया जाएगा

किन शर्तों पर मिलेगा योजना का लाभ?

सरकार ने साफ किया है कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि बेटियों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसलिए कुछ जरूरी शर्तें तय की गई हैं:

  • बच्ची का पूरी तरह टीकाकरण होना अनिवार्य
  • स्कूल या कॉलेज में नियमित पढ़ाई जारी रहनी चाहिए
  • 18 वर्ष से पहले विवाह होने पर योजना स्वतः निरस्त हो जाएगी

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल नई योजना शुरू करना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि हर बेटी को सही समय पर उसका अधिकार मिले और वह आत्मनिर्भर बन सके। यह फैसला दिल्ली की बेटियों के लिए एक मजबूत और सुरक्षित भविष्य की नींव रखने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।


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Ramanjot

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