दिल्ली के उपराज्यपाल की दो टूक, MCD का घाटा कम करने के लिए ''ईमानदारी से'' करों का भुगतान करें

punjabkesari.in Wednesday, Jul 06, 2022 - 12:20 PM (IST)

नई दिल्ली: दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने बुधवार को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की खराब वित्तीय हालत में सुधार के लिए जनता से सुझाव मांगे। उन्होंने लोगों से अपने संपत्ति करों और बकाया राशि का भुगतान करने का आग्रह भी किया ताकि नगर निगम को आर्थिक रूप से स्थिर बनाया जा सके। उपराज्यपाल ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-2020 और 2021-22 के बीच दिल्ली नगर निगम का नकद घाटा 2,756.32 करोड़ रुपये था।

सक्सेना ने ट्विटर पर कहा कि पिछले वित्तीय कुप्रबंधन और अधिकांश निवासियों द्वारा संपत्ति करों का भुगतान न करने से वर्तमान वित्तीय संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने ट्वीट किया, एमसीडी दिल्ली में 94 प्रतिशत सेवाएं देता है। पिछले वित्तीय कुप्रबंधन और करीब 75 प्रतिशत निवासियों द्वारा किसी भी संपत्ति कर का भुगतान न करने से यह संकट में आ गया है। यही समय है कि हम-इभारत के सबसे अमीर शहरों में से एक के निवासी, एमसीडी को बकाया राशि का भुगतान ईमानदारी से करें। आपके सुझाव और भागीदारी से इसे हासिल करने में मदद मिलेगी।

उपराज्यपाल ने नगर निगम के वित्तीय स्तर में सुधार के लिए जनता से सुझाव देने का भी आग्रह किया। वित्त वर्ष 2019-2020 और 2021-22 के बीच एमसीडी की कुल आय 31,861.81 करोड़ रुपये रही, जबकि खर्च 34,618.17 करोड़ रुपये था। इसलिए इस अवधि के लिए नगर निगम का नकद घाटा 2,756.32 करोड़ रुपये रहा। उपराज्यपाल द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में 1,483 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र है और एमसीडी का अधिकार क्षेत्र इसके कुल क्षेत्रफल का 94.2 प्रतिशत है। दिल्ली की कुल आबादी के तकरीबन 98 प्रतिशत लोग एमसीडी इलाकों में रहते हैं। सक्सेना ने कहा कि नगर निगम के कर्मियों का वेतन, पेंशन बकाया और अन्य वित्तीय देनदारियां 9,261.95 करोड़ रुपये हैं। यह पांचवीं बार है जब उपराज्यपाल ने लोगों से सुझाव मांगे हैं।
 


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Content Writer

Anu Malhotra

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