Meningococcal Infection: 2 अग्निवीरों की इस खतरनाक वायरस से मौत, जानिए क्या है मेनिंगोकोकल

punjabkesari.in Saturday, Feb 28, 2026 - 12:15 PM (IST)

शिलांग: मेघालय के सैन्य प्रशिक्षण केंद्र में एक दुर्लभ लेकिन बेहद खतरनाक बैक्टीरिया ने दस्तक दी है। शिलांग स्थित आर्मी ट्रेनिंग सेंटर में मेनिंगोकोकल संक्रमण (Meningococcal Infection) के संदिग्ध मामलों के बाद दो अग्निवीर प्रशिक्षुओं की जान चली गई है। इस दुखद घटना ने स्वास्थ्य विभाग को हिलाकर रख दिया है, जिसके तुरंत बाद राज्य सरकार ने सार्वजनिक स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी कर दी है।

क्या है पूरा मामला?

ट्रेनिंग सेंटर में अचानक कुछ जवानों में संक्रमण के लक्षण देखे गए, जिनमें से दो की स्थिति तेजी से बिगड़ी और उनकी मृत्यु हो गई। चूंकि यह संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में तेजी से फैल सकता है, इसलिए प्रशासन ने इसे 'इमरजेंसी' की तरह लिया है। फिलहाल East Khasi Hills जिले में विशेष निगरानी रखी जा रही है।

एक्शन में सरकार: बचाव के लिए उठाए गए कड़े कदम

संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग (Health and Family Welfare Department) ने युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया है:

  • कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग: मृतकों और संदिग्धों के संपर्क में आए हर व्यक्ति की पहचान की जा रही है।

  • आइसोलेशन: संदिग्ध लक्षणों वाले लोगों को तुरंत अलग कर दिया गया है।

  • फ्यूमिगेशन: प्रभावित सैन्य परिसर और आसपास के क्षेत्रों में कीटाणुशोधन (Fumigation) किया जा रहा है।

  • कीमोप्रोफिलैक्सिस: जो लोग जोखिम में हैं, उन्हें एहतियात के तौर पर दवाएं दी गई हैं।

    राहत की बात: अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती मामलों के बाद कोई नया संदिग्ध केस सामने नहीं आया है और स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है।

मेनिंगोकोकल क्या है और इसके लक्षण क्या हैं?

यह Neisseria meningitidis नाम के बैक्टीरिया से होता है। यह मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी की परत में सूजन (Meningitis) या रक्तप्रवाह में गंभीर संक्रमण पैदा कर सकता है।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज:

  1. बहुत तेज बुखार और अचानक सिरदर्द।

  2. गर्दन में अकड़न महसूस होना।

  3. जी मिचलाना या उल्टियां होना।

  4. प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता (आंखों में चुभन)।

  5. त्वचा पर गहरे लाल या बैंगनी रंग के दाने या चकत्ते उभरना।

आम जनता के लिए जरूरी गाइडलाइन

सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, बल्कि इन सावधानियों का पालन करें:

  • हाइजीन: नियमित रूप से साबुन से हाथ धोएं।

  • दूरी: खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकें। भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का प्रयोग करें।

  • त्वरित जांच: यदि ऊपर बताए गए कोई भी लक्षण दिखें, तो बिना देरी किए नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें।

  • अफवाहों से बचें: सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक बुलेटिन को ही सच मानें।

 


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Content Editor

Anu Malhotra

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