पेगासस के संभावित लक्ष्यों में दलाई लामा के सलाहकारों, एनएससीएन नेताओं के भी नाम

2021-07-22T22:13:24.297

नई दिल्लीः दलाई लामा के सलाहकारों और नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालिम (एनएससीएन) के कई नेताओं के नाम इजराइली स्पाईवेयर पेगासस के संभावित लक्ष्यों की सूची में था। अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठनों के समूह ने बृहस्पतिवार को यह खबर दी है। 

पेगासस जासूसी मामले में जारी की जा रही खबरों की श्रृंखला में ‘वायर' की एक खबर के मुताबिक दुबई की राजकुमारी शेख लतीफा के कई करीबी लोगों के फोन नंबर भी इस सूची में थे। ‘गार्जियन' की एक रिपोर्ट के मुताबिक दलाई लामा के शीर्ष सलाहकारों के फोन नंबर भी उस सूची में शामिल था जिसको लेकर एनएसओ ग्रुप के सरकारी ग्राहक को रूचि थी।

खबर में कहा गया है, ‘‘विश्लेषण से मजबूत संकेत मिला है कि भारत सरकार संभावित लक्ष्यों को चुन रही थी। इस सूची में तिब्बत की निर्वासित सरकार के राष्ट्रपति लोबसांग सांगेय, आध्यात्मिक नेता ग्यालवांग करमापा के कार्यालय के कर्मचारी और कई अन्य कार्यकर्ता और कर्मी शामिल थे जो भारत में निर्वासित समुदाय के सदस्य हैं।'' 

इसमें कहा गया है, ‘‘दलाई लामा के वरिष्ठ सलाहकारों में दिल्ली में आध्यात्मिक नेता के लंबे समय से दूत टेंपा शेरिंग, वरिष्ठ सहायक तेनजिन तखला और चिम्मे रिगजेन के साथ बौद्ध नेता के उत्तराधिकारी के चयन का काम देखने वाले ट्रस्ट के प्रमुख सामधोंग रिनपोचे भी थे।'' सरकार ने पेगासस सॉफ्टवेयर के जरिए जासूसी कराने की खबरों को खारिज कर दिया है। 

न्यूज वेबसाइट ‘वायर' की एक खबर के मुताबिक नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालिम (इसाक मुइवा), एनएससीएन (आई-एम) के कई नेताओं के नंबर में भी स्पाईवेयर कंपनी के भारतीय उपभोक्ता को दिलचस्पी थी। छह दशक पुराने नगा राजनीतिक मुद्दे को हल करने के लिए अगस्त 2015 के फ्रेमवर्क समझौते के बाद एनएससीएन (आई-एम) नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के साथ अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए बातचीत कर रहा है। 

एनएससीएन (आई-एम) के शीर्ष नेताओं में जिनके फोन नंबर लीक हुए डेटाबेस में पाए गए हैं, उनमें अतेम वासुम, अपम मुइवा, एंथनी शिमरे और फुनथिंग शिमरंग शामिल हैं। ‘वायर' ने ‘वाशिंगटन पोस्ट', ‘गार्जियन' और ‘ला मोंडे' समेत 16 अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रकाशनों के साथ तालमेल से ये खबरें प्रकाशित की है। 


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Content Writer

Pardeep

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