चक्रवात 'अर्नब': आंध्र प्रदेश में पेड़ उखड़े, सड़कें जलमग्न, 'वॉल क्लाउड' का आखिरी हिस्सा पहुंचने वाला है, IMD की चेतावनी - 'घर के अंदर ही रहें'
punjabkesari.in Wednesday, Oct 28, 2026 - 09:11 AM (IST)
अमरावती: मौसम विभाग ने बुधवार को बताया कि भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के 'वॉल क्लाउड' (बादलों की दीवार) का पिछला हिस्सा अगले एक घंटे में आंध्र प्रदेश के तट पर पहुंच जाएगा, जिससे 'लैंडफॉल' (तट से टकराने) की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इस तूफान के कारण कई तटीय इलाकों में तेज हवाएं चल रही हैं, भारी बारिश हो रही है और समुद्र की स्थिति काफी खराब है।
मौसम विभाग ने कहा, "इस चक्रवाती सिस्टम का केंद्र आंध्र प्रदेश और यानम के तटों पर, यानम के दक्षिण में स्थित है। 'वॉल क्लाउड' का पिछला हिस्सा अगले एक घंटे में तटीय क्षेत्र में प्रवेश करेगा और इसके साथ ही 'लैंडफॉल' की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।"अमरावती मौसम विज्ञान विभाग की निदेशक डॉ. के. नागारत्ना ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बना यह भीषण चक्रवात पिछली रात बापटला और यानम के बीच, विशाखापत्तनम या काकीनाडा-यानम के आसपास के इलाकों में तट से टकराया था।
बुधवार सुबह विजयवाड़ा में बात करते हुए, नागारत्ना ने बताया कि तटीय इलाकों में 125-135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही हैं, और अगले तीन घंटों में हवा की गति 150 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।उन्होंने कहा कि चक्रवात की गति धीमी हो गई है, जिसका मतलब है कि तटीय इलाकों पर इसका असर लंबे समय तक बना रह सकता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटों के लिए अत्यंत गंभीर चेतावनी जारी की है।
काकीनाडा और यानम के तटों पर समुद्र बेहद अशांत हो गया है, जहां लहरें सामान्य स्तर से 2.5 मीटर तक ऊपर उठ रही हैं। नागारत्ना ने 'स्टॉर्म सर्ज' (समुद्र के जलस्तर में अचानक भारी वृद्धि) के खतरे को लेकर चेतावनी दी है। इसके चलते काकीनाडा और यानम के आसपास के निचले इलाकों में समुद्र का पानी घुस सकता है। उन्होंने स्थानीय लोगों से पूरी तरह सतर्क रहने की अपील की है। बापटला, गुंटूर, कृष्णा, एनटीआर, एलुरु, पश्चिम गोदावरी, कोनासीमा, पूर्वी गोदावरी, काकीनाडा, अल्लूरी, अनाकापल्ली, विशाखापत्तनम, विजयनगरम, श्रीकाकुलम और पार्वतीपुरम मान्यम जिलों के लिए अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) की चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग ने कहा है कि इन जिलों में कभी भी अचानक बाढ़ आ सकती है। नागरात्ना ने लोगों से अपील की है कि जब तक लैंडफॉल (तूफान के तट से टकराने) की प्रक्रिया पूरी न हो जाए और तेज हवाएं शांत न हो जाएं, तब तक वे घरों के अंदर ही रहें। उन्होंने लोगों को बिजली के खंभों, पुरानी इमारतों या बड़े पेड़ों के नीचे न खड़े होने की सलाह दी है। साथ ही, लोगों से कहा गया है कि वे आधिकारिक चेतावनियों पर नज़र रखें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।
विशाखापत्तनम के आरके बीच पर चक्रवात 'अरनाब' के असर से तेज हवाएं चलीं और समुद्र में ऊंची लहरें उठीं; इलाके में समुद्र की स्थिति काफी खराब रही। एहतियात के तौर पर पुलिस ने लोगों के बीच (beach) पर जाने पर रोक लगा दी है, और मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
बताया गया है कि इस भीषण चक्रवाती तूफान का केंद्र तट के बहुत करीब है और लैंडफॉल की प्रक्रिया अगले कुछ घंटों तक जारी रहने की उम्मीद है। विशाखापत्तनम में एयू कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग फॉर विमेन के पास चक्रवात के कारण तेज हवाओं से एक पेड़ उखड़ गया।
आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (APSDMA) के अनुसार, पिछले 24 घंटों में चक्रवात 'अरनाब' की गतिविधियों पर लगातार नज़र रखी गई है। अधिकारी इसके रास्ते और तटीय जिलों पर पड़ने वाले असर पर नज़र रखे हुए हैं, जहां कई इलाकों में तेज हवाएं चलने और भारी बारिश होने की खबर है।
चक्रवात 'अरनाब' के कारण विजयवाड़ा शहर और आसपास के इलाकों में गरज-चमक, बिजली कड़कने और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई। भारी बारिश के चलते शहर के कई निचले इलाकों और मुख्य सड़कों पर पानी भर गया है। अधिकारियों का कहना है कि बुधवार तक मध्यम से भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे बहुत ज़रूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें।
इस बीच, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार स्थिति पर कड़ी नज़र रख रही है। इसके लिए 2,199 चक्रवात आश्रय स्थल (साइक्लोन शेल्टर) चिह्नित किए गए हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने (इवैक्यूएशन) की योजनाएं भी तैयार हैं। उन्होंने बताया कि 14 जिलों में NDRF की 12 और SDRF की 10 टीमें तैनात की गई हैं, जबकि मेडिकल टीमें, एम्बुलेंस, इमरजेंसी बेड और जरूरी सामान तैयार रखे गए हैं।
राज्य ने 1,087 मेडिकल टीमें तैनात की हैं, 8,281 इमरजेंसी बेड और 1,274 एम्बुलेंस तैयार रखी हैं, और एहतियात के तौर पर गर्भवती महिलाओं को अस्पतालों में शिफ्ट कर दिया है। प्रशासन ने पीने के पानी के टैंकर, जनरेटर, RO प्लांट और गिरे हुए पेड़ों को हटाने तथा सड़कों को फिर से चालू करने के लिए जरूरी उपकरण भी उपलब्ध कराए हैं। RTGS सेंटर और APSDMA चौबीसों घंटे स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
चक्रवात 'अरनाब' के कारण उड़ानों के संचालन पर भी असर पड़ा है। विशाखापत्तनम में 27 अक्टूबर की दोपहर से सेवाएं रोक दी गईं, जबकि विजयवाड़ा और राजमुंदरी में शाम 7 बजे के बाद परिचालन बंद कर दिया गया। एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, इंडिगो और आकासा एयर ने अपनी उड़ानें रद्द करने की घोषणा की, जबकि एलायंस एयर का परिचालन सामान्य रहा।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे हवाई अड्डे के लिए निकलने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति (फ्लाइट स्टेटस) जांच लें। साथ ही, एयरलाइंस से प्रभावित यात्रियों को हर संभव मदद देने का आग्रह किया है। (ANI)
