चक्रवात ''अर्नब'' हुआ और खतरनाक: आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ा, 28 अक्टूबर की सुबह तक लैंडफॉल की संभावना
punjabkesari.in Tuesday, Oct 27, 2026 - 07:59 AM (IST)
भुवनेश्वर : भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि चक्रवात 'अर्नब' बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य हिस्से में और अधिक तीव्र होकर एक 'बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान' में बदल गया है। इसके 28 अक्टूबर की सुबह तक आंध्र प्रदेश और यनम के तटों को पार करने की संभावना है। यह तट को बापटला और विशाखापत्तनम के बीच, यनम के पास पार कर सकता है। IMD के भुवनेश्वर स्थित क्षेत्रीय मौसम केंद्र के अनुसार, पिछले छह घंटों के दौरान यह तूफान 23 किमी प्रति घंटे की गति से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा है। 26 अक्टूबर की रात 11:30 बजे यह बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य हिस्से में केंद्रित था।
यह तूफान 15.9° उत्तरी अक्षांश और 86.0° पूर्वी देशांतर के पास स्थित था। यह ओडिशा के गोपालपुर से लगभग 400 किमी दक्षिण-दक्षिण-पूर्व, विशाखापत्तनम से 350 किमी दक्षिण-पूर्व, काकीनाडा से 420 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व, मछलीपट्टनम से 520 किमी पूर्व और आंध्र प्रदेश के बापटला से 590 किमी पूर्व में था।
IMD ने बताया कि चक्रवात के 27 अक्टूबर की शाम तक पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते रहने और उसके बाद उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर मुड़ने की प्रबल संभावना है। इसके एक 'बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान' के रूप में तट को पार करने की उम्मीद है, जिसमें हवा की गति 115-125 किमी प्रति घंटा होगी और झोंकों की गति 140 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
IMD के अनुसार, विशाखापत्तनम में लगे 'डॉपलर वेदर रडार' (Doppler Weather Radar) के जरिए इस तूफान पर लगातार नजर रखी जा रही है। इस बीच, ओडिशा के गंजाम जिला प्रशासन ने चक्रवात 'अर्नाब' के संभावित असर को देखते हुए 27 से 29 अक्टूबर तक सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में छुट्टी की घोषणा की है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं (AWWs) और आंगनवाड़ी सहायिकाओं (AWHs) को अपने-अपने क्षेत्रों में ही रहने की सलाह दी गई है।
एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि केंद्रों के बंद रहने के दौरान लाभार्थियों को पोषण संबंधी सहायता लगातार मिलती रहे, इसके लिए सूखा राशन/टेक-होम राशन (THR) सीधे उनके घर तक पहुंचाया जाएगा।
ओडिशा राज्य परिवहन प्राधिकरण ने वाहनों की सुरक्षित आवाजाही और परिवहन तैयारियों के लिए भी एहतियाती उपाय जारी किए हैं। ओडिशा सरकार ने मीडिया आउटलेट्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें उन्हें चक्रवात के बारे में कोई भी गलत, भ्रामक या अटकलों पर आधारित पूर्वानुमान और चेतावनी न फैलाने की चेतावनी दी गई है।
एडवाइजरी में मीडिया संगठनों से कहा गया है कि वे IMD, विशेष राहत आयुक्त (SRC), जिला प्रशासन और अन्य अधिकृत निकायों से मिलने वाली आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। साथ ही, उनसे यह भी कहा गया है कि वे बिना पुष्टि वाले संदेश, चक्रवात के अनौपचारिक रास्ते या सोशल मीडिया पर मौजूद डराने वाले अनुमानों को न फैलाएं, और किसी भी पूर्वानुमान के साथ स्पष्ट रूप से सरकारी स्रोतों का उल्लेख करें। सरकार ने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया को पूरी सावधानी बरतने की सलाह दी है। उनसे कहा गया है कि वे अटकलों पर आधारित मॉडल या किसी तीसरे पक्ष के अनुमानों को पक्की चेतावनी के रूप में पेश न करें।
