20 रुपये पानी की बोतल के लिए 55 रुपये चार्ज किए, उपभोक्ता आयोग ने रेस्टोरेंट को ठोका भारी जुर्माना, अब देना होगा इतना मुआवजा
punjabkesari.in Friday, Jan 09, 2026 - 11:01 AM (IST)
नेशनल डेस्क: एक साधारण पानी की बोतल का बिल कभी-कभी ग्राहकों के लिए बहुत भारी साबित हो सकता है। ऐसा ही हुआ चंडीगढ़ में, जहां एक ग्राहक ने रेस्टोरेंट से 20 रुपये की बोतल के लिए 55 रुपये वसूले जाने पर शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में चंडीगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (SCDRC) ने 9 दिसंबर 2025 को अहम निर्णय सुनाया और स्पष्ट किया कि रेस्टोरेंट या होटल प्री-पैक्ड उत्पादों को उनके अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से अधिक कीमत पर नहीं बेच सकते।
आयोग ने अपने आदेश में बताया कि एमआरपी में पहले से ही सभी TAX, packaging expenses और विक्रेता का लाभ शामिल होता है। इस फैसले को उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह उन व्यवसायों को चेतावनी देता है जो पैकेज्ड वस्तुओं पर मनमाने दाम लगाते हैं।
मामला: ग्राहक की शिकायत से शुरू हुआ विवाद
घटना 12 दिसंबर 2023 की है, जब एक ग्राहक शाम लगभग 8:30 बजे चंडीगढ़ के एक रेस्टोरेंट में डिनर कर रही थीं। उनके बिल की कुल राशि 1,922 रुपये आई, जिसमें CGST और UTGST शामिल थे। बिल में एक बोतल पैकेज्ड पानी के लिए 55 रुपये चार्ज किए गए, जबकि बोतल पर स्पष्ट रूप से 20 रुपये की MRP अंकित थी। यह ज्यादा चार्ज देखकर ग्राहक ने सीधे उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कराई।
राज्य आयोग का फैसला: ग्राहक की जीत
इससे पहले जिला उपभोक्ता आयोग ने उनकी शिकायत को खारिज कर दिया था। इसके बाद ग्राहक ने चंडीगढ़ राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील दायर की। ध्यान देने वाली बात यह रही कि उन्होंने बिना किसी वकील की मदद के खुद अपना पक्ष रखा। 9 दिसंबर 2025 को आयोग ने उनका पक्ष सही मानते हुए फैसला सुनाया। रेस्टोरेंट को 3,000 रुपये मुआवजे के रूप में चुकाने का आदेश दिया गया।
रेस्टोरेंट की दलील खारिज
रेस्टोरेंट ने यह तर्क पेश किया कि बेहतर एम्बियंस, एयर कंडीशनिंग, बैठने की सुविधा और सर्विस की वजह से पानी की बोतल का मूल्य अधिक रखा गया। लेकिन आयोग ने इसे पूरी तरह बेबुनियाद बताया। आयोग ने स्पष्ट किया कि रेस्टोरेंट अपने खाने-पीने के आइटम की कीमत तय कर सकता है, लेकिन पैकेज्ड उत्पादों पर अंकित एमआरपी कानून के तहत सुरक्षित है।
क्यों सफल रही ग्राहक की अपील
राज्य उपभोक्ता आयोग (केस नंबर: SC/AB/CP/2025/1534) के अनुसार, मुख्य सवाल यह था कि क्या रेस्टोरेंट प्री-पैक्ड पानी की बोतल के लिए एमआरपी से अधिक चार्ज कर सकता है। आयोग ने साफ शब्दों में कहा- नहीं। चूंकि पानी की बोतल एक सीलबंद, प्री-पैक्ड उत्पाद थी और उसकी एमआरपी स्पष्ट रूप से 20 रुपये अंकित थी, इसलिए 55 रुपये वसूलना कानून का उल्लंघन था।
इस निर्णय से उपभोक्ताओं के अधिकार और मजबूत हुए हैं और देशभर के रेस्टोरेंट्स और होटलों को यह संदेश गया है कि पैकेज्ड वस्तुओं पर तय एमआरपी से अधिक वसूली किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है, चाहे सर्विस या एम्बियंस कितना भी शानदार क्यों न हो।
