धर्मांतरण के बाद अंतिम संस्कार पर विवाद, ग्रामीणों ने शव दफनाने से रोका; फिर हुआ दाह संस्कार
punjabkesari.in Thursday, Sep 10, 2026 - 10:08 PM (IST)
नगरी-सिहावा/धमतरी: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नगरी-सिहावा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नवागांव बेलर में धर्मांतरित महिला के अंतिम संस्कार को लेकर उत्पन्न हुआ विवाद आखिरकार आपसी सहमति से शांतिपूर्ण तरीके से सुलझ गया है। गांव की 55 वर्षीय तीजन बाई साहू के निधन के बाद जब उनके परिजन शव को दफनाना चाहते थे, तब ग्रामीणों और परिजनों के बीच मतभेद पैदा हो गया और तनाव की स्थिति बन गई।
15-20 वर्ष पूर्व अपनाया था ईसाई धर्म
ग्रामीणों का कहना था कि मृतका और उनका परिवार लगभग 15 से 20 वर्ष पहले हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपना चुका था। समाज द्वारा पूर्व में भी कई बार इस परिवार से हिंदू धर्म में लौटने का आग्रह किया गया था। महिला के निधन के बाद जब परिवार शव दफनाने की तैयारी करने लगा, तब ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए स्पष्ट किया कि यदि परिवार हिंदू धर्म में वापसी स्वीकार करता है तो अंतिम संस्कार में कोई आपत्ति नहीं होगी, अन्यथा क्रियाकर्म के लिए स्थान उपलब्ध नहीं कराया जाएगा।
प्रशासन की मौजूदगी में कई घंटों तक चला चर्चा का दौर
विवाद बढ़ने के कारण गांव में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए थे। माहौल तनावपूर्ण होने की सूचना पर स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। कई घंटों तक ग्रामीणों की बैठक और प्रशासन की उपस्थिति में दोनों पक्षों के बीच लगातार बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया गया। हालांकि गांव में माहौल तनावपूर्ण बना रहा, लेकिन किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई।
मंदिर में धार्मिक विधियों से हुई घर वापसी
कई दौर की बातचीत के बाद धर्मांतरित परिवार ने घर वापसी की बात स्वीकार कर ली। सहमति बनने के पश्चात मृतका के पिता और भाई को गांव के मंदिर ले जाया गया। वहां पारंपरिक धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार उनके पैर धुलवाए गए, गंगाजल एवं तुलसी पत्र ग्रहण कराया गया तथा इष्ट देवी की पूजा-अर्चना करवाकर घर वापसी की रस्म संपन्न कराई गई।
श्मशान घाट में विधि-विधान से दाह संस्कार
घर वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के उपरांत मृतका तीजन बाई साहू का अंतिम संस्कार गांव के श्मशान घाट में हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार किया गया। परिजनों और ग्रामीणों ने मिलकर विधि-विधान से दाह संस्कार संपन्न कराया। पूरे घटनाक्रम पर पुलिस और प्रशासन लगातार नजर बनाए रहे, जिसके बाद मामला शांतिपूर्वक समाप्त हुआ।
