CWC बैठक में कांग्रेस का फैसला: ‘वंदे मातरम्’ के सिर्फ पहले दो अंतरे ही गाए जाएंगे
punjabkesari.in Wednesday, Aug 19, 2026 - 10:13 PM (IST)
नई दिल्लीः दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में बुधवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें भविष्य की रणनीतियों और कई ज्वलंत मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस बैठक में सीडब्ल्यूसी के सदस्यों, स्थायी व विशेष आमंत्रित सदस्यों और चार मुख्यमंत्रियों सहित 88 से अधिक नेताओं ने हिस्सा लिया, जिनमें से 33 सदस्यों ने अपने विचार साझा किए।
'वंदे मातरम्' पर कांग्रेस ने साफ की स्थिति
बैठक में 'वंदे मातरम्' गाने को लेकर जारी सियासी विवाद पर चर्चा की गई, जिसके बाद कांग्रेस ने अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। पार्टी ने निर्णय लिया है कि कांग्रेस के सदस्य 1937 में अपनाए गए मूल 'वंदे मातरम्' के केवल पहले दो अंतरे (पद) ही गाएंगे।
इस संबंध में जानकारी देते हुए कांग्रेस महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि इस मुद्दे पर कोई भ्रम नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तत्कालीन प्रमुख नेताओं जैसे सुभाष चंद्र बोस, सरदार पटेल और अन्य ने 1937 में ही यह तय किया था कि वंदे मातरम् के केवल दो पद ही गाए जाएंगे और पार्टी कार्यकर्ता आज भी इसी का पालन करते हैं। उन्होंने 15 अगस्त को हुई घटना को महज एक 'संवाद की कमी' (कम्युनिकेशन गैप) करार दिया।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन
कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने सर्वसम्मति से माना कि संसद का पिछला सत्र विपक्ष के लिए शत-प्रतिशत सफल रहा, जहां पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार पूरी तरह से बचाव की मुद्रा में नजर आई। इसके साथ ही, सीडब्ल्यूसी ने अपनी सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटियों को निर्देश दिया है कि वे 'राम मंदिर चढ़ावा चोरी' के मुद्दे पर पूरे देश में विरोध-प्रदर्शन आयोजित करें। के.सी. वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि राम मंदिर का इस्तेमाल लोगों को बांटने के लिए करने वाले अब पूरी तरह बेनकाब हो चुके हैं और कांग्रेस इस मुद्दे को जमीनी स्तर तक ले जाएगी।
800 शहरों में गूंजेगी 'छात्रों की आवाज'
पेपर लीक और छात्रों के लगातार हो रहे विरोध-प्रदर्शनों को लेकर भी बैठक में चिंता व्यक्त की गई। इसके समाधान के लिए कांग्रेस देश के 800 शहरों और कस्बों में ‘छात्रों की गूंज’ नाम से बड़े कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है। यह अभियान वर्तमान में भी जारी है और कांग्रेस नेता राहुल गांधी स्वयं इनमें से कुछ कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इसके अलावा, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को निर्देश दिया है कि वे अपनी शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करें ताकि छात्रों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
मल्लिकार्जुन खरगे के अपमान पर पीएम मोदी से माफी की मांग
बैठक में उत्तराखंड के हल्द्वानी की उस घटना पर भी कड़ी आपत्ति दर्ज की गई, जिसमें भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के इस्तेमाल किए गए मंच को कथित तौर पर 'शुद्ध' किया गया था। कांग्रेस ने इस घटना पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि भाजपा के एक प्रवक्ता का यह बयान कि 'दलितों की सोच गुलामी वाली होती है', सीधे तौर पर आरएसएस की ऊंची जाति वाली मानसिकता को दर्शाता है। कांग्रेस ने मांग की है कि खरगे के साथ किए गए इस अपमानजनक व्यवहार के लिए प्रधानमंत्री स्वयं सीधे तौर पर माफी मांगें।
जाति जनगणना और महिला आरक्षण पर कड़ा रुख
कांग्रेस ने जाति जनगणना के दौरान ओबीसी (OBC) वर्ग के लिए अलग कॉलम न बनाने को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने इसे मोदी सरकार की नाकामी और देश के साथ धोखा करार दिया है और इस मामले में तेलंगाना तथा बिहार मॉडल को देश भर में अपनाने की मांग की है।
वहीं, सीटों के परिसीमन (डिलिमिटेशन) और महिला आरक्षण पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने साफ किया कि अगले 25 वर्षों तक लोकसभा सीटों की संख्या 543 ही रहनी चाहिए और इसी संख्या के दायरे के भीतर महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसके अलावा, बैठक में अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ के गंभीर मुद्दे पर भी चिंता जताई गई।
