Heart Attack Risk: कड़ाके की ठंड में हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ा, AIIMS के डॉ. ने बताया कैसे रखें बीपी नॉर्मल
punjabkesari.in Tuesday, Jan 13, 2026 - 11:09 AM (IST)
नेशनल डेस्क: उत्तर भारत इस समय असली ठंड की मार झेल रहा है। गुरुग्राम में तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है और जनवरी की यह भीषण ठंड लोगों को मज़ा तो देती है, लेकिन इसके साथ ही गंभीर स्वास्थ्य खतरों का भी संदेश लेकर आती है। खासकर हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों के लिए यह मौसम बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ने का कारण:
AIIMS नई दिल्ली के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. राजीव नारंग के अनुसार सर्दियों में शरीर की रक्त वाहिकाएँ सिकुड़ जाती हैं, जिसे चिकित्सकीय भाषा में वासोकंस्ट्रिक्शन कहते हैं। इस सिकुड़न के कारण रक्त प्रवाह बाधित होता है और ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ सकता है। यही कारण है कि सर्दियों में हार्ट अटैक और स्ट्रोक के मामलों में इजाफा देखा जाता है। कई बार मरीज ऐसे आते हैं जिनका ब्लड प्रेशर पहले पूरी तरह नियंत्रित रहता था, लेकिन ठंड पड़ते ही उनकी रीडिंग अचानक खतरनाक स्तर तक पहुंच जाती है। इसका असर चलते-चलते सांस फूलना, वॉक में कठिनाई, सीने में भारीपन या एंजाइना जैसी समस्याओं के रूप में दिखाई देता है।
दवा भी हमेशा पर्याप्त नहीं होती:
चेतावनी देते हैं कि सर्दियों में दवा लेने के बावजूद ब्लड प्रेशर नियंत्रित न रहना आम समस्या है। इसलिए इस मौसम में केवल दवा पर भरोसा करना पर्याप्त नहीं है; अतिरिक्त सावधानी और नियमित देखभाल जरूरी है।
सर्दियों में ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने के 5 उपाय:
नियमित ब्लड प्रेशर मॉनिटरिंग:
घर पर बीपी मापने की मशीन रखें और रोजाना रीडिंग जांचें। यदि ब्लड प्रेशर 140/90 mmHg से ऊपर जाता है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें ताकि दवा या इलाज में सुधार किया जा सके।
नमक का सेवन सीमित करें:
सर्दियों में स्नैक्स और तैयार खाने में नमक और तेल की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे ब्लड प्रेशर और बढ़ सकता है। भोजन में नमक की मात्रा संतुलित रखें और आवश्यकता अनुसार कम करें।
पर्याप्त पानी पिएं:
ठंड के मौसम में प्यास कम लगती है और लोग पानी कम पीते हैं। इससे शरीर में निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) होता है, जो ब्लड प्रेशर और स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकता है। इसलिए सर्दियों में भी पर्याप्त पानी पीना जरूरी है।
गर्म और हल्का भोजन अपनाएं:
ठंड में लोग अक्सर प्रोसेस्ड या ठंडा खाना ज्यादा खाते हैं, जिससे पाचन और दिल दोनों पर असर पड़ता है। भोजन को नरम, गर्म और सुपाच्य रखें। सप्ताह में एक-दो बार खिचड़ी जैसी हल्की डाइट लेना फायदेमंद है।
स्वास्थ्य पर सतर्कता बरतें:
खासकर बुजुर्गों और पहले से उच्च ब्लड प्रेशर या हृदय रोग से जूझ रहे लोगों को सतर्क रहना चाहिए। नियमित ब्लड प्रेशर जांच, सही खान-पान, पर्याप्त पानी, और समय पर डॉक्टर से परामर्श स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने में मदद करता है। डॉ कहते हैं कि सर्दियों में सही सावधानी अपनाकर हर कोई स्वस्थ रह सकता है। इसलिए इस मौसम में दिल और रक्तचाप की निगरानी पर विशेष ध्यान देना न भूलें।
