इंग्लैड टीम का कोच बदला, ये होंगे नए कोच
punjabkesari.in Tuesday, Apr 01, 2025 - 08:41 PM (IST)

इंटरनेशनल डेस्क: इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम को नया हेड कोच मिल गया है। इंग्लैंड की पूर्व दिग्गज खिलाड़ी चार्लोट एडवर्ड्स को यह अहम जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में 10,000 से ज्यादा रन बनाए हैं और अब बतौर कोच टीम को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का लक्ष्य रखेंगी। एशेज में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खराब प्रदर्शन के बाद जॉन लुईस ने पद छोड़ दिया था, जिसके बाद इंग्लैंड बोर्ड ने यह बड़ा फैसला लिया।
चार्लोट एडवर्ड्स बनीं इंग्लैंड की नई हेड कोच
इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने एशेज सीरीज में 16-0 की करारी हार के बाद कोचिंग स्टाफ में बदलाव करने का निर्णय लिया। पूर्व कप्तान चार्लोट एडवर्ड्स को इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम का नया हेड कोच बनाया गया है। एडवर्ड्स का क्रिकेट करियर शानदार रहा है, जिसमें उन्होंने 23 टेस्ट, 191 वनडे और 95 टी-20 मैच खेले हैं। चार्लोट एडवर्ड्स ने नियुक्ति के बाद कहा, "मैं एक बार फिर इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम की लीडरशिप टीम का हिस्सा बनने को लेकर बेहद उत्साहित हूं। 10 साल तक इंग्लैंड की कप्तानी करना मेरे जीवन का सबसे खास पल था और अब कोच के रूप में टीम को आगे ले जाने का मौका मिलना मेरे लिए गर्व की बात है।"
कोचिंग में भी शानदार है एडवर्ड्स का रिकॉर्ड
चार्लोट एडवर्ड्स के पास कोचिंग का भी अच्छा अनुभव है। उन्होंने 2017 में पहली बार कोचिंग की जिम्मेदारी संभाली थी। एडिलेड स्ट्राइकर्स के साथ सहायक कोच के रूप में उन्होंने 5 साल बिताए। इसके बाद सदर्न वाइपर्स से जुड़कर उन्होंने पहले ही सीजन में टीम को चैंपियन बनाया। द हंड्रेड टूर्नामेंट में उनकी अगुवाई में सदर्न ब्रेव की टीम ने लगातार दो बार फाइनल तक का सफर तय किया। वहीं, महिला प्रीमियर लीग में वह मुंबई इंडियंस की हेड कोच रही हैं और उनकी कोचिंग में टीम दो बार चैंपियन बनी।
टी-20 वर्ल्ड कप से पहले मिली बड़ी जिम्मेदारी
चार्लोट एडवर्ड्स के लिए यह जिम्मेदारी इसलिए भी खास है क्योंकि इसी साल भारत में टी-20 वर्ल्ड कप खेला जाना है। इंग्लैंड टीम इस टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन करने के इरादे से उतरेगी और एडवर्ड्स की रणनीति इसमें अहम भूमिका निभाएगी। एडवर्ड्स भारतीय परिस्थितियों से भी अच्छी तरह वाकिफ हैं, जो इंग्लैंड टीम के लिए एक बड़ी ताकत साबित हो सकती हैं। उनके अनुभव और नेतृत्व में इंग्लैंड महिला टीम एक नई दिशा में आगे बढ़ सकती है।