सीएम केजरीवाल की पत्नी सुनीता को दिल्ली हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत, समन पर लगी रोक

punjabkesari.in Monday, Nov 06, 2023 - 02:53 PM (IST)

नेशनल डेस्क: दिल्ली उच्च न्यायालय ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल को बड़ी राहत प्रदान की है। सुनीता केजरीवाल पर दो विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचि में अपना दर्ज कराकर कानून उल्लंघन करने के आरोप लगे हुए हैं। इस मामले में अब दिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल की पत्नी को निचली अदालत से मिले समन पर सोमवार को रोक लगा दी है। 

PunjabKesari

शिकायतकर्ता को नोटिस जारी
न्यायमूर्ति अमित बंसल ने निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती देने वाली सुनीता केजरीवाल की याचिका पर राज्य के साथ साथ शिकायतकर्ता को नोटिस जारी किया जिसमें उन्हें आरोपों के संबंध में 18 नवंबर को अदालत के समक्ष पेश होने का आदेश दिया गया था। अदालत ने मामले में अगली सुनवाई के लिए इसे एक फरवरी को सूचीबद्ध किया और आदेश दिया, ‘‘इस फैसले से कई सवाल खड़े हो गए हैं इसलिए इसे लागू करने पर रोक रहेगी।''

PunjabKesari

हरीश खुराना ने शिकायत में लगाए हैं ये आरोप 
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता हरीश खुराना ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की पत्नी ने जन प्रतिनिधि (आरपी) अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन किया है। खुराना ने दावा किया कि सुनीता केजरीवाल साहिबाबाद निर्वाचन क्षेत्र (संसदीय क्षेत्र गाजियाबाद), उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची में मतदाता के तौर पर पंजीकृत थीं और वह दिल्ली में चांदनी चौक विधानसभा क्षेत्र में भी पंजीकृत थीं, जो आरपी अधिनियम की धारा 17 का उल्लंघन है।

PunjabKesari

सुनीता के वकील ने कोर्ट में पेश की ये दलील
उन्होंने दावा किया कि झूठी घोषणाएं करने से संबंधित अधिनियम की धारा 31 के तहत अपराध के लिए सुनीता केजरीवाल को दंडित किया जाना चाहिए। सुनीता केजरीवाल की ओर से पेश वरिष्ठ वकील रेबेका जॉन ने उच्च न्यायालय के समक्ष दलील दी कि निचली अदालत का आदेश बिना सोचे समझे पारित किया गया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दो मतदाता पहचान पत्र रखना कोई अपराध नहीं है और इस बात के कोई सबूत नहीं है कि याचिकाकर्ता ने कोई गलत बयान दिए थे। मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अरजिंदर कौर ने 29 अगस्त को याचिकाकर्ता को 18 नवंबर को तलब किया था। 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Mahima

Related News