See More

CISF कर्मियों को देनी होगी FB, Twitter अकाउंट की आईडी, नहीं तो होगी कार्रवाई

2020-08-02T05:56:47.54

नई दिल्लीः केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने अपने करीब 1.62 लाख कर्मियों को सोशल मीडिया के उपयोग के सिलसिले में कुछ नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसके तहत कर्मियों को ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सभी मंचों पर इस्तेमाल में लाई जा रही अपनी ‘‘यूजर आईडी'' का खुलासा संबद्ध इकाई के समक्ष करने का निर्देश जारी किया है। एक अधिकारिक आदेश में यह जानकारी दी गई है। नए दिशानिर्देश 31 जुलाई को जारी किए गए। इनमें कहा गया है कि इन नियमों का उल्लंघन करने वालों को सख्त कानूनी एवं अनुशासनिक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
PunjabKesari
दिल्ली स्थिति सीआईएसएफ मुख्यालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि इन ऑइनलाइन मंचों से राष्ट्रीय सुरक्षा और बल के अनुशासन को पैदा हुए खतरे के मद्देनजर दो पृष्ठों के दिशानिर्देश जारी किए जा रहे हैं। सीआईएसएफ अभी देश में 63 हवाईअड्डों, हवाईक्षेत्र से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों के अलावा विभिन्न सरकारी मंत्रालयों एवं भवनों आदि की सुरक्षा करता है। दिशानिर्देशों के सार के मुताबिक ये इसलिए जारी किए गए हैं कि बल ने कुछ ऐसे उदाहरण पाए हैं जहां सोशल मीडिया मंचों का उपयोग सीआईएसएफ कर्मी राष्ट्र/संगठन के बारे में संवेदनशील सूचना साझा करने तथा सरकार की नीतियों का विरोध करने में कर रहे हैं।
PunjabKesari
नए दिशानिर्देशों में सीआईएसएफ कर्मियों के अनुपालन के लिए पांच बिंदु निर्धारित किए गए हैं , जो हैं ‘‘कर्मियों को टि्वटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम, यू ट्यूब जैसे सभी सोशल मीडिया मंचों पर खुद के द्वारा इस्तेमाल की जा रही अपनी यूजर आईडी का संबद्ध इकाइयों के जरिए विभाग को खुलासा करना होगा। दिशानिर्देशों में कहा गया है, ‘‘यूजर आईडी में कोई बदलाव करने या यह नया बनाने की स्थिति में, उन्हें इस बारे में अवश्य ही विभाग को सूचित करना होगा।'' इनमें कहा गया है कि कर्मी अनाम या छद्म नाम से यूजर आईडी का इस्तेमाल नहीं करेंगे तथा वे इन ऑनलाइन मंचों का इस्तेमाल ‘‘सरकार की नीतियों की किसी भी तरह की आलोचना करने में नहीं करेंगे।''
PunjabKesari
दिशानिर्देशों में कहा गया है, ‘‘सोशल मीडिया मंचों का इस्तेमाल अपनी शिकायतों को प्रकट करने में पदानुक्रम या उपयुक्त माध्यम को नजरअंदाज करने में नहीं किया जाएगा। '' बल में सोशल मीडिया उपयोग नीति सबसे पहले 2016 में लाई गई थी और इसमें 2019 में संशोधन किया गया था।


Yaspal

Related News